हरिद्वार: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। विजिलेंस टीम को देखकर एक अधिकारी ने खुद को बचाने के लिए शौचालय में छिपने की कोशिश की और कथित रिश्वत की रकम को टॉयलेट सीट के अंदर पाइप में छिपा दिया। हालांकि विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, विजिलेंस टीम को अधिकारी द्वारा रिश्वत लेने की शिकायत मिली थी। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। जैसे ही अधिकारी को विजिलेंस के आने की भनक लगी, उसने बचने की कोशिश की और कमरे से निकलकर शौचालय में जा छिपा।
टॉयलेट में छिपाई रिश्वत की रकम
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने पकड़े जाने के डर से रिश्वत की रकम को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उसने रकम को टॉयलेट सीट के अंदर लगे पाइप में छिपा दिया, ताकि जांच टीम को पैसा न मिल सके। लेकिन विजिलेंस टीम ने तलाशी के दौरान रकम बरामद कर ली। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अधिकारी ने इससे पहले कितनी बार रिश्वत ली और क्या इस मामले में कोई और लोग भी शामिल हैं।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस ने ट्रैप की योजना बनाई और कार्रवाई को अंजाम दिया। भ्रष्टाचार निरोधक टीम लगातार सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ अभियान चला रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। शिकायत मिलने पर जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
उत्तराखंड सरकार और विजिलेंस विभाग लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई कर रहे हैं। इससे पहले भी राज्य में कई अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इस घटना के बाद विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कामों में पारदर्शिता बनाए रखने और जनता को भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था देने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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