देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने 'प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन-2026' के भव्य आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को सचिवालय में प्रधान सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में सम्मेलन की तैयारियों की निगरानी के लिए गठित समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कार्यक्रम के सफल आयोजन, व्यापक प्रचार-प्रसार और देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सम्मेलन का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर का, युवा केंद्रित और नवीन विचारों पर आधारित होना चाहिए, ताकि इसकी अलग पहचान बन सके।प्रधान सचिव आर.के. सुधांशु ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड के लोगों को एक साझा मंच प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों के अनुभव, सुझाव और विशेषज्ञता का उपयोग राज्य के विकास में करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश
बैठक में प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन-2026 की तैयारियां व्यापक स्तर पर की जाएं। कार्यक्रम की रूपरेखा ऐसी होनी चाहिए, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रवासी उत्तराखंडी इसमें सक्रिय रूप से भाग ले सकें।उन्होंने कहा कि सम्मेलन के आयोजन में नवीन विचारों और आधुनिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आयोजन को विशिष्ट पहचान देने के लिए युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।प्रधान सचिव ने अधिकारियों से सम्मेलन की तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और कार्यक्रम के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर कार्य करने को कहा।
देशभर के प्रवासी उत्तराखंडियों को मिलेगा आमंत्रण
आर.के. सुधांशु ने अधिकारियों को देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग व्यवसायों, सेवाओं और क्षेत्रों में कार्यरत प्रवासी उत्तराखंडियों को सम्मेलन से जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए।बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रवासी समुदाय की भागीदारी केवल आमंत्रण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सम्मेलन में उनके साथ सार्थक संवाद स्थापित करने की व्यवस्था भी की जाए।इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने और उन्हें इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई गई।
राज्य के विकास में प्रवासियों के अनुभवों का होगा उपयोग
प्रधान सचिव ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडियों के पास अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव है। इस अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ राज्य के विकास से जुड़े प्रयासों में लिया जा सकता है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन के दौरान प्रवासी समुदाय के साथ सार्थक बातचीत की व्यवस्था की जाए। इसमें उनके सुझावों और विचारों को सुना जाए तथा राज्य के विकास में संभावित योगदान के विषय पर चर्चा की जाए।बैठक में प्रवासी उत्तराखंडियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया जा सकेगा।
युवाओं और नए विचारों पर विशेष ध्यान
सम्मेलन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में युवाओं की भागीदारी एक प्रमुख विषय रही। प्रधान सचिव ने निर्देश दिए कि आयोजन को युवा केंद्रित बनाया जाए और इसमें नवीन विचारों को पर्याप्त महत्व दिया जाए।उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का स्वरूप ऐसा होना चाहिए, जो अलग-अलग पीढ़ियों के प्रवासी उत्तराखंडियों को जोड़ सके। सम्मेलन में युवाओं को अपनी बात रखने और राज्य के भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार साझा करने का अवसर देने पर जोर दिया गया।इसके साथ ही आयोजन में नवाचार को शामिल करने के निर्देश दिए गए, ताकि सम्मेलन अन्य आयोजनों से अलग पहचान स्थापित कर सके।
व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर जोर
बैठक के दौरान सम्मेलन की जानकारी अधिक से अधिक प्रवासी उत्तराखंडियों तक पहुंचाने के विषय पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए।प्रधान सचिव ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए जरूरी है कि विभिन्न राज्यों और शहरों में रहने वाले उत्तराखंडी समुदाय तक इसकी जानकारी पहुंचे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता बताई गई।बैठक में सम्मेलन की तैयारियों की निगरानी और विभिन्न व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य से जोड़ने की पहल
उत्तराखंड सरकार का उद्देश्य इस सम्मेलन के माध्यम से राज्य के बाहर रहने वाले उत्तराखंडियों के साथ संबंधों को और मजबूत करना है। कार्यक्रम के जरिए उनके अनुभवों, सुझावों और संभावित योगदान को राज्य के विकास से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।प्रधान सचिव आर.के. सुधांशु ने अधिकारियों को सम्मेलन की तैयारियों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक प्रवासी उत्तराखंडियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जाए।