Pantnagar कृषि विश्वविद्यालय में पूर्व छात्र सम्मेलन और ‘ब्रेन 3.0’ कार्यशाला का शुभारंभ
Uttarakhand उत्तराखंड : हरित क्रांति की जननी माने जाने वाले गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन एवं ‘ब्रेन 3.0’ कार्यशाला का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी तथा सांसद अजय भट्ट ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में कृषि, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि के भविष्य, तकनीकी नवाचारों और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे पंतनगर किसी को सम्मान देने नहीं, बल्कि स्वयं इस पावन भूमि पर आकर स्वयं को धन्य महसूस करने आए हैं। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि इतिहास का एक गौरवशाली केंद्र है, जिसने देश को अनेक वैज्ञानिक, नीति निर्माता, कृषि उद्यमी और कुशल मानव संसाधन दिए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस विश्वविद्यालय ने देश की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पंतनगर से निकले विशेषज्ञों ने कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने देश की कृषि उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत वर्तमान में लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न का उत्पादन कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के अन्न भंडार पूरी तरह भरे हुए हैं, जो कृषि क्षेत्र की मजबूती और किसानों की मेहनत का परिणाम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि पंतनगर जैसे संस्थान भारत को आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार और तकनीक के उपयोग से कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं।
कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों ने भी कृषि में आधुनिक तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, जैविक खेती और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन के दौरान यह भी चर्चा की गई कि आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप्स और युवाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है। विशेषज्ञों ने कहा कि कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए अनुसंधान और नवाचार को और बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र, वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजन को कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य की कृषि नीतियों को दिशा देने में सहायक होगा।