उत्तराखंड: पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र में नाबालिग बालिकाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और गलत हरकत करने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी 10 वर्षीय पुत्री और 12 वर्षीय भतीजी को कमरे में बंद कर उनके साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, गंगोलीहाट क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक युवक ने उनकी 10 वर्षीय बेटी और 12 वर्षीय भतीजी को जबरन अपने कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उसने दोनों नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ की और गलत हरकत करने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
गंगोलीहाट कोतवाली में आरोपी जितेंद्र प्रसाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। नाबालिगों से जुड़े इस संवेदनशील मामले को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच आगे जारी है और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गंगोलीहाट पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती। थानाध्यक्ष गंगोलीहाट कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। महिला उप निरीक्षक रजनी आर्या ने आरोपी की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई।
पुलिस ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता रहती है।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चों से जुड़े किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
नाबालिगों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मामले में पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार होगी।