Uttarakhand उत्तराखंड। नववर्ष 2026 के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। नए साल की शुरुआत के साथ ही हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान और गंगा आरती में शामिल होने के लिए हर की पौड़ी पहुंचे। तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब गंगा घाटों की ओर उमड़ पड़ा, जहां लोगों ने मां गंगा में पवित्र डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। नववर्ष के स्वागत में हर की पौड़ी पर विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए। आरती के दौरान पूरे घाट पर मंत्रोच्चार, शंखनाद और दीपों की रोशनी से आध्यात्मिक वातावरण बन गया। गंगा आरती के समय श्रद्धालुओं ने दीपदान कर मां गंगा से अपने परिवार और समाज के कल्याण की प्रार्थना की। 

प्रशासन द्वारा नववर्ष के अवसर पर व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं। हर की पौड़ी और आसपास के घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हादसे से बचा जा सके। सुबह से ही श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन करते नजर आए। मनसा देवी और चंडी देवी मंदिरों में भी भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों का मानना है कि नववर्ष के दिन गंगा स्नान और पूजा-अर्चना करने से वर्ष भर सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। 

व्यापारियों और स्थानीय लोगों के लिए भी नववर्ष का यह अवसर खास रहा। होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस पूरी तरह भरे रहे। स्थानीय बाजारों में रौनक देखने को मिली और प्रसाद, फूल, दीप और पूजा सामग्री की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ रही। पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी आमद से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि भीड़ के बावजूद दर्शन और स्नान में कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि हर की पौड़ी पर गंगा आरती में शामिल होकर उन्हें अद्भुत शांति और ऊर्जा की अनुभूति हुई। नववर्ष के अवसर पर हरिद्वार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि गंगा और हर की पौड़ी भारतीय आस्था और संस्कृति का केंद्र हैं। नए साल की शुरुआत गंगा आरती और पवित्र स्नान के साथ कर श्रद्धालुओं ने सकारात्मकता, भक्ति और विश्वास के साथ वर्ष 2026 का स्वागत किया।
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