टनकपुर। चंपावत जिले के टनकपुर क्षेत्र के मनिहारगोठ निवासी 17 वर्षीय अमीम रहमान ने अपनी तकनीकी प्रतिभा और मेहनत से ऐसी ‘ऑफ रोडिंग कार’ तैयार की है, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सीमित संसाधनों के बीच करीब दो महीने तक लगातार मेहनत कर अमीम ने अलग-अलग असेंबल पार्ट्स को जोड़कर इस अनोखी कार को तैयार किया। उनकी इस उपलब्धि से प्रभावित होकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उन्हें सम्मानित कर उत्साह बढ़ाया।
अमीम की बनाई कार इन दिनों क्षेत्र में कौतूहल का विषय बनी हुई है। लोग इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं और युवा की तकनीकी सोच की सराहना कर रहे हैं। कम उम्र में वाहन निर्माण के क्षेत्र में रुचि दिखाते हुए अमीम ने यह साबित करने की कोशिश की है कि यदि इच्छाशक्ति और मेहनत हो तो सीमित संसाधनों के बावजूद कुछ नया किया जा सकता है।
दो महीने की मेहनत से तैयार हुई कार
अमीम के मुताबिक, इस कार को तैयार करने में उन्हें करीब दो महीने का समय लगा। इस दौरान उन्होंने लगातार अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने, उनके बीच तालमेल बैठाने और वाहन को चलने लायक बनाने पर काम किया।
उन्होंने कार के निर्माण में विभिन्न असेंबल पार्ट्स का इस्तेमाल किया। कार को ऐसा रूप देने का प्रयास किया गया है, जिससे वह सामान्य सड़क के साथ-साथ ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी चल सके। इसी वजह से उन्होंने इसे ‘ऑफ रोडिंग कार’ का नाम दिया है।
अमीम की इस परियोजना में सबसे खास बात यह है कि उन्होंने कम उम्र में ही तकनीकी प्रयोग करने का साहस दिखाया। वाहन निर्माण की प्रक्रिया के दौरान उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने काम जारी रखा और अंततः अपनी तैयार कार को सड़क पर उतारने में सफलता हासिल की।
होंडा शाइन का इंजन, स्कूटी के टायर
अमीम ने कार में होंडा शाइन का इंजन इस्तेमाल किया है। इसके अलावा वाहन में स्कूटी के टायर लगाए गए हैं। अलग-अलग वाहनों के हिस्सों का इस्तेमाल कर तैयार की गई यह कार लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।
कार में बैक गियर की सुविधा भी दी गई है। अमीम के अनुसार, कार की अधिकतम रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा है। उन्होंने बताया कि वाहन को तैयार करने में करीब एक लाख रुपये की लागत आई है।
कार की बनावट और उसमें इस्तेमाल किए गए अलग-अलग हिस्सों को देखकर लोग अमीम की तकनीकी समझ की तारीफ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह इसलिए भी खास है क्योंकि एक किशोर ने अपने स्तर पर मेहनत कर वाहन तैयार किया है।
स्थानीय लोगों में बढ़ी उत्सुकता
कार तैयार होने के बाद से ही मनिहारगोठ और आसपास के क्षेत्रों में इसे लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है। कई लोग अमीम से कार के निर्माण और इसमें इस्तेमाल किए गए उपकरणों के बारे में जानकारी लेते हैं।
युवाओं के बीच अमीम का यह प्रयास खास तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग मान रहे हैं कि इस तरह के प्रयोग युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में कुछ नया करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
अमीम की रुचि को देखते हुए यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि आगे उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध हों तो वह वाहन निर्माण के क्षेत्र में और प्रयोग कर सकते हैं।
नगर पालिका ने किया सम्मानित
अमीम की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित होकर नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, अधिशासी अधिकारी ऋषभ उनियाल और सभासद हसीब अहमद ने उन्हें सम्मानित किया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अमीम की उपलब्धि की सराहना करते हुए उसका उत्साह बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि कम उम्र में इस तरह का तकनीकी प्रयोग करना निश्चित तौर पर सराहनीय है। ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी प्रतिभा को बेहतर दिशा में ले जा सकते हैं।
हुनर को मिले सही दिशा तो बन सकता है भविष्य
अमीम की कहानी इस बात का उदाहरण है कि तकनीकी क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं को यदि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलें तो वे स्थानीय स्तर पर भी नए प्रयोग कर सकते हैं। अमीम ने किसी बड़ी कंपनी या संस्थान की मदद के बजाय अपने स्तर पर विभिन्न पार्ट्स को जोड़कर कार तैयार की।
उनकी इस उपलब्धि ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान कर उन्हें तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण से कैसे जोड़ा जाए। यदि अमीम जैसे युवाओं को इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल और मैकेनिकल तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिले तो उनकी प्रतिभा को और बेहतर दिशा मिल सकती है।
आगे और प्रयोग करने की उम्मीद
17 वर्षीय अमीम की बनाई कार फिलहाल क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उनकी मेहनत और तकनीकी प्रयोग को स्थानीय स्तर पर सम्मान मिलने से उनका उत्साह भी बढ़ा है। अब उम्मीद है कि वह भविष्य में वाहन तकनीक से जुड़े और नए प्रयोग करेंगे।
अमीम ने अपनी मेहनत से तैयार इस कार के जरिए यह संदेश दिया है कि उम्र प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं है। सीखने और कुछ नया करने का जुनून हो तो सीमित संसाधनों के बीच भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है। उनकी बनाई ऑफ रोडिंग कार भले ही अभी एक स्थानीय प्रयोग हो, लेकिन इसने टनकपुर क्षेत्र में एक युवा के तकनीकी हुनर और आत्मविश्वास की कहानी जरूर सामने ला दी है।