सरदार पटेल जयंती पर योगी का बड़ा ऐलान, हर जिले में बनेगा रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लखनऊ के हजरतगंज स्थित जीपीओ के पटेल पार्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एक ओर लौह पुरुष के योगदान को याद किया, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों पर जातिवाद और विभाजनकारी राजनीति को लेकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के युवाओं के लिए 'सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' विकसित करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के विचारों को मानने वाला व्यक्ति वही हो सकता है, जिसके लिए राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि हो।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जातिवाद और जिन्नावाद का मुकाबला मिलकर करना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग मोहम्मद अली जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे कभी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते। सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही है, जिसके मन में राष्ट्रवाद का भाव हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा तथा संप्रभुता को सबसे ऊपर रखता हो।
'राष्ट्र की एकता से ही मजबूत होगा भारत'
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरदार पटेल ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। आजादी के बाद सैकड़ों रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन देशवासियों को यह सिखाता है कि राष्ट्रीय हित से बड़ा कोई व्यक्तिगत, राजनीतिक या क्षेत्रीय हित नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना और समाज को जाति, क्षेत्र तथा भाषा के नाम पर बांटने का प्रयास देश की एकता को कमजोर करता है। उनके मुताबिक, ऐसे विभाजनकारी तत्व देश की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर बाहरी आक्रांताओं को आमंत्रित करने जैसा काम करते हैं।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति प्रतिबद्धता ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
हर जिले में विकसित होंगे रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में युवाओं के रोजगार और प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर प्रदेश में एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत औद्योगिक इकाइयों, कौशल प्रशिक्षण केंद्रों और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को एक ही स्थान पर विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी और युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 31 अक्टूबर को 1,725 करोड़ रुपये की सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का भी शुभारंभ किया। पहले चरण में लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, झांसी और गौतम बुद्ध नगर में कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्रों की आधारशिला रखी गई। योजना के तहत एक विशेष पोर्टल और रोजगार से संबंधित गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया गया।
युवाओं को प्रशिक्षण के साथ मिलेगा रोजगार का अवसर
योगी सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास और औद्योगिक निवेश के बीच सीधा संबंध स्थापित करना है। सरकार चाहती है कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं।
प्रस्तावित रोजगार क्षेत्रों में एमएसएमई इकाइयों के लिए औद्योगिक सुविधाएं, प्रशिक्षण केंद्र, प्लेसमेंट सहायता, जिला उद्योग केंद्र और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके तहत प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी के अवसरों से जोड़ने, रोजगार मेलों के आयोजन और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्थानीय संसाधनों और उद्योगों की जरूरत के अनुसार रोजगार का मजबूत ढांचा तैयार किया जाए।
जातिवाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठने की अपील
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने की कोशिश करने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की ताकत उसकी विविधता के साथ एकजुट रहने की भावना में है।
उन्होंने सरदार पटेल के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कभी व्यक्तिगत या राजनीतिक हितों को राष्ट्रहित से ऊपर नहीं रखा। आजादी के बाद देशी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने का उनका प्रयास भारत की एकता के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
योगी ने कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने के लिए प्रत्येक नागरिक को देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सामाजिक विभाजन पैदा करने वाली सोच से देश की आंतरिक शक्ति प्रभावित होती है। इसलिए सभी को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रदेशभर में हुए आयोजन
सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर एकता की शपथ दिलाई गई। कई स्थानों पर रन फॉर यूनिटी का आयोजन हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को सरदार पटेल के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और देश के एकीकरण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका की जानकारी दी गई।
राजनीतिक संदेश के साथ विकास का एजेंडा भी
लखनऊ के पटेल पार्क में मुख्यमंत्री का संबोधन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक हमला करने के साथ सामाजिक एकता, राष्ट्रवाद और प्रदेश के आर्थिक विकास का एजेंडा भी सामने रखा।
एक तरफ उन्होंने जातिवाद और जिन्नावाद के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, तो दूसरी तरफ सरदार पटेल के नाम पर रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की घोषणा के जरिए युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता दी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राष्ट्र की मजबूती के लिए सामाजिक एकता के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता भी जरूरी है। उद्योगों का विस्तार, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।
अब इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने और प्रस्तावित रोजगार क्षेत्रों को समयबद्ध तरीके से विकसित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। प्रदेश के युवाओं और उद्योग जगत की नजर इस बात पर रहेगी कि इन योजनाओं से रोजगार के कितने नए अवसर तैयार होते हैं।