वाराणसी। उत्तर प्रदेश के यात्रियों को रेलवे की ओर से बड़ी सौगात मिली है। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत की गई है। शनिवार, 31 अक्टूबर को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन यात्रियों का समय और मेहनत दोनों बचाएगी। उन्होंने कहा कि पहले काशी से दिल्ली तक ट्रेन से सफर करने में 13 से 14 घंटे लग जाते थे, लेकिन अब वंदे भारत स्लीपर से यह दूरी करीब 8 से 9 घंटे में तय करने की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय रेलवे लगातार आधुनिक हो रही है। कुछ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी 2019 को देश की पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। यह ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच शुरू हुई थी। उस समय यात्रियों को चेयर कार की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब रेलवे ने स्लीपर वंदे भारत की शुरुआत करके लंबी दूरी की रात की यात्रा को भी आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
सरदार पटेल के योगदान को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने 563 रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाकर एक मजबूत और अखंड भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
योगी ने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा, उसी तरह भारतीय रेलवे ने उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे देश को रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने का काम किया है। रेलवे ने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं के एकीकृत भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे आम भारतीय की सवारी रही है। गरीब, बुजुर्ग, मध्यम वर्ग और आम परिवारों के लिए ट्रेन यात्रा हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारतीय रेलवे को आधुनिक स्वरूप मिल रहा है। आज देश के लोग अपनी आंखों के सामने रेलवे में हो रहे बदलाव को देख रहे हैं।
पहले मीटर गेज और ब्रॉड गेज की थी समस्या
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में रेलवे के पुराने ढांचे का जिक्र करते हुए कहा कि पहले राज्य में कहीं ब्रॉड गेज था तो कहीं मीटर गेज की व्यवस्था थी। इसकी वजह से यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से अब कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक रेल सेवाएं केवल यात्रा को आसान नहीं बनातीं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देती हैं। वंदे भारत स्लीपर जैसी ट्रेनें लंबी दूरी के यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराएंगी।
वाराणसी-दिल्ली के बीच जानिए ट्रेन का शेड्यूल
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को ट्रेन नहीं चलेगी।
इस ट्रेन का संचालन प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल के रास्ते किया जाएगा। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इसका लाभ विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, पर्यटकों और धार्मिक यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलने की उम्मीद है।
16 कोच और 823 यात्रियों की क्षमता
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इनमें 11 थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के लिए बर्थ की व्यवस्था है। आधुनिक सस्पेंशन, बेहतर बर्थ, स्वचालित दरवाजे, कवच सुरक्षा प्रणाली और इमरजेंसी टॉक-बैक जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
इस ट्रेन की डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है, जबकि परिचालन गति रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुसार होगी। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
रेलवे के आधुनिकीकरण को मिलेगा नया विस्तार
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब तक वंदे भारत ट्रेनों में मुख्य रूप से चेयर कार की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन स्लीपर संस्करण के आने से लंबी दूरी की रात की यात्रा भी आधुनिक सुविधाओं के साथ संभव होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का बुनियादी ढांचा लगातार बदल रहा है। रेलवे में हो रहे सुधार इसी बदलाव का हिस्सा हैं। वाराणसी और दिल्ली के बीच नई स्लीपर ट्रेन शुरू होने से दोनों शहरों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
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