Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गुजरात के एकता नगर में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान देश की एकता और सांस्कृतिक विरासत पर जोर देते हुए कहा कि भारत की महानता उसकी विविधता में निहित है। उन्होंने कहा कि “यह वही पवित्र भूमि है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा-वृंदावन से आकर द्वारका में धर्म की स्थापना की और अधर्म के खिलाफ संघर्ष किया। यह वही धरती है, जिसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महापुरुषों को जन्म दिया, जिन्होंने भारत को एकता के सूत्र में बांधा।”
योगी आदित्यनाथ ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास आयोजित सभा में कहा कि सरदार पटेल का योगदान आज भी हर भारतीय के दिल में जीवित है। “अगर सरदार पटेल न होते, तो देश आज इतने मजबूत रूप में एक नहीं होता। उन्होंने 500 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में जोड़कर भारत की अखंडता को स्थायी बनाया,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत उसी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है, जिसका सपना सरदार पटेल ने देखा था। उन्होंने गुजरात की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि एकता नगर देश की एकता, विकास और संस्कृति का प्रतीक बन चुका है।
योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गुजरात की इस पवित्र भूमि पर धर्म की स्थापना की और आज उसी धरती पर हम सब भारत की आत्मा को सशक्त करने का कार्य कर रहे हैं। “भारत के हर नागरिक को सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए,” उन्होंने कहा। कार्यक्रम में कई राज्यों से आए मंत्री और अधिकारी भी उपस्थित थे। सभा के अंत में योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल को नमन किया और राष्ट्र एकता की प्रतिज्ञा ली।