सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक सिपाही की 33 वर्षीय पत्नी की गोली लगने से मौत हो गई। घटना शुक्रवार सुबह सदर बाजार थाना क्षेत्र के हकीकत नगर स्थित एक किराए के मकान में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार गोली सिपाही को आवंटित सरकारी राइफल से चली थी। पुलिस ने हथियार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच का इंतजार किया जा रहा है।
मृतका की पहचान सरिता के रूप में हुई है। उनके पति रिंकू सिंह पुलिस विभाग में सिपाही हैं और वर्तमान में सहारनपुर के खनन विभाग में तैनात बताए गए हैं। दंपती की दो बेटियां हैं। परिवार पिछले करीब दो से तीन वर्षों से हकीकत नगर में श्मशान घाट के सामने मनीष कुमार के मकान में किराए पर रह रहा था।
घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। उस समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे। एक कमरे से गोली चलने की आवाज आने के बाद पति और बच्चियां वहां पहुंचे। कमरे में सरिता घायल अवस्था में पड़ी थीं और पास में सरकारी राइफल मिली। उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना से बच्चियां और परिवार के अन्य सदस्य सदमे में हैं।
आवाज सुनने के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सदर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे कमरे को जांच के लिए सुरक्षित किया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने राइफल, कारतूस और अन्य वस्तुओं को जांच के लिए कब्जे में लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी अभिषेक सिंह और एसएसपी अभिनंदन सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार, मकान मालिक और आसपास रहने वाले लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस यह पता लगा रही है कि सरकारी हथियार घर में किस स्थिति में रखा गया था और घटना के समय वह लोडेड कैसे था। सिपाही रिंकू सिंह से भी पूछताछ की जा रही है।
मकान मालिक मनीष कुमार ने पुलिस को बताया कि वह घटना के समय मकान की ऊपरी मंजिल पर मौजूद था। करीब 11 बजे उसे पटाखा चलने जैसी तेज आवाज सुनाई दी थी, लेकिन उसने उस समय इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया। उसका दावा है कि घटना से कुछ समय पहले घर से पति की तेज आवाज भी सुनाई दी थी। हालांकि, पुलिस ने मकान मालिक के बयान को अभी घटना के कारण की पुष्टि नहीं माना है।
मृतका के भाई प्रदीप कुमार को फोन के माध्यम से घटना की सूचना दी गई। उन्होंने सरकारी राइफल के लोडेड हालत में घर पर रखे होने को लेकर सवाल उठाया है। प्रदीप के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच कभी-कभी नोकझोंक होती थी और सरिता पहले नाराज होकर अपने भाइयों के पास जाने की बात कह चुकी थीं। पुलिस ने उनके बयान को भी जांच में शामिल किया है।
पुलिस घरेलू विवाद, मानसिक तनाव, हथियार की सुरक्षा में संभावित लापरवाही और अन्य सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी एक कारण पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हथियार की बैलिस्टिक जांच और परिवार के सदस्यों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि सरकारी राइफल को सुरक्षित रखने से संबंधित विभागीय नियमों का पालन किया गया था या नहीं। किसी पुलिसकर्मी को आवंटित हथियार की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी होती है। यदि जांच में हथियार रखने के नियमों में लापरवाही पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई भी संभव है।
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