अमरोहा | क्रिकेटर मोहम्मद शमी के परिवार के सदस्य और बहन के नाम पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत 10 लाख रुपये की मजदूरी लेने का एक मामला सामने आया है। यह रकम कथित रूप से मनरेगा के मजदूर के रूप में प्राप्त की गई थी, जबकि संबंधित परिवार के सदस्य किसी मजदूरी में शामिल नहीं थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी (डीएम) के निर्देश पर जांच शुरू की गई है, और अब इस मामले में नोटिस जारी करने और रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, यह गड़बड़ी उत्तर प्रदेश के एक जिले में हुई, जहां मोहम्मद शमी की बहन और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम मनरेगा में दर्ज थे। जांच में यह सामने आया कि इन लोगों ने काम किए बिना ही बड़ी रकम की मजदूरी प्राप्त कर ली थी। इस प्रकार की धोखाधड़ी की कार्रवाई से सरकारी योजना का दुरुपयोग किया गया है, जो गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए बनाई गई थी।

जिलाधिकारी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपियों को नोटिस भेजने का आदेश दिया। इसके साथ ही रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

यह मामला यह साबित करता है कि मनरेगा जैसी योजनाओं का गलत तरीके से फायदा उठाने की कोशिशें की जाती हैं, और प्रशासन इस प्रकार की गड़बड़ी को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

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