UP : अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, 200 चांदी की ईंटों पर सवाल

Update: 2026-06-24 09:17 GMT

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए दिए गए दान को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। एक जाने-माने बिज़नेसमैन ने आरोप लगाया है कि मंदिर को दान की गई 200 चांदी की ईंटों का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कासल्स ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राजू वी. मनवानी ने दावा किया है कि उन्होंने 26 जनवरी 2021 को अयोध्या में सिंधी समुदाय की ओर से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 200 चांदी की ईंटें दान की थीं। यह दान ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय को सौंपा गया था।

जानकारी के अनुसार, प्रत्येक ईंट का वजन लगभग एक किलो था और इन्हें मंदिर निर्माण कार्य के लिए दान स्वरूप दिया गया था। लेकिन अब आरोप लगाया जा रहा है कि इन ईंटों के उपयोग और रिकॉर्ड को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

डॉ. मनवानी का कहना है कि दान देते समय उन्हें किसी प्रकार की औपचारिक रसीद नहीं दी गई, जिससे दान की प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा हो गया है। उनके अनुसार, ट्रस्ट की ओर से यह कहा गया था कि चांदी का उपयोग किस उद्देश्य और किस प्रकार किया जाएगा, इस पर निर्णय बाद में लिया जाएगा।

इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया और धार्मिक संगठनों के बीच भी चर्चा को जन्म दे दिया है। कई लोग पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं।

फिलहाल, इस विवाद पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट सभी दान और निर्माण कार्यों का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े स्तर के धार्मिक और निर्माण प्रोजेक्ट में दान और सामग्री प्रबंधन की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की स्थिति न बने।

इस मामले ने एक बार फिर दान प्रक्रिया में पारदर्शिता और रिकॉर्ड-कीपिंग की आवश्यकता को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रस्ट या संबंधित पक्ष इस आरोप पर क्या स्पष्टीकरण देता है।

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