यूपी | उत्तर प्रदेश के स्थानीय नगर निकायों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 44.5% की राजस्व वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि संपत्ति कर, जल कर, वाणिज्यिक लाइसेंस और अन्य शुल्कों से हुई आय के कारण हुई है।
लखनऊ बना सबसे बड़ा योगदानकर्ता
राज्य में सबसे अधिक राजस्व देने वाले शहरों में लखनऊ पहले स्थान पर है। इसके बाद कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गाजियाबाद जैसे शहरों का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
राजस्व बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम
नगर निकायों ने डिजिटल भुगतान, सख्त कर वसूली, और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जैसे कई कदम उठाए हैं, जिससे यह वृद्धि संभव हुई।
क्या बोले अधिकारी?
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले वर्षों में और अधिक सुधार की संभावना है। सरकार नगर निकायों की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए नई योजनाएं लागू करने की तैयारी कर रही है।