उन्नाव: शिक्षा विभाग में इन दिनों बाल्य देखभाल अवकाश (Child Care Leave) को लेकर अधिकारियों की मनमानी खुलकर सामने आ रही है। नियमों के तहत महिला कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर दिए जाने वाले इस महत्वपूर्ण अवकाश से कई मामलों में उन्हें वंचित किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गंभीर पारिवारिक परिस्थितियों और बच्चों की देखभाल से जुड़े मामलों में भी संबंधित अधिकारियों द्वारा आवेदन लंबित रखे जा रहे हैं या बिना ठोस कारण के निरस्त किए जा रहे हैं। जबकि केंद्र व राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि बाल्य देखभाल अवकाश महिला कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है।
शिक्षा विभाग के इस रवैये से महिला शिक्षिकाओं और कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि अवकाश को “अनुग्रह” समझकर अधिकारी अपने विवेक से निर्णय ले रहे हैं, जो पूरी तरह नियमों के विपरीत है।जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते इस मनमानी पर रोक नहीं लगी तो मामला उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक पहुंच सकता है। अब देखना यह होगा कि विभागीय अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित कर्मचारियों को उनका अधिकार कब तक मिलता है।