STP टैंक में जहरीली गैस से दो की मौत

Update: 2026-07-26 05:17 GMT

ग्रेटर नोएडा : नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र की एल्डिको सोसायटी सेक्टर-150 में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। सोसायटी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक सफाईकर्मी और एक सिक्योरिटी गार्ड शामिल हैं। घटना के बाद सोसायटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के करौली निवासी सफाईकर्मी शशिकांत शर्मा (40 वर्ष) शनिवार रात एल्डिको सोसायटी के एसटीपी टैंक की सफाई करने के लिए उतरे थे। सफाई के दौरान अचानक टैंक के अंदर जहरीली गैस फैल गई, जिसकी चपेट में आने से शशिकांत बेहोश हो गए। काफी देर तक उनके बाहर नहीं आने पर आसपास मौजूद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई।

बताया गया कि शशिकांत को बचाने के लिए सोसायटी में तैनात सिक्योरिटी गार्ड आकाश निवासी इटहारी, फिरोजाबाद भी टैंक के अंदर उतर गए। लेकिन अंदर पहुंचते ही वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए और बेहोश हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही सोसायटी के लोगों ने पुलिस और फायर सर्विस विभाग को जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर सर्विस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बचाव दल ने काफी सावधानी के साथ दोनों लोगों को टैंक से बाहर निकाला।

इसके बाद दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस के कारण हुआ। एसटीपी टैंक जैसे बंद स्थानों में अक्सर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैसों के जमा होने का खतरा रहता है। ऐसे स्थानों पर बिना सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश करना बेहद जोखिम भरा होता है।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। अधिकारियों द्वारा सोसायटी प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना के बाद सोसायटी के निवासियों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस तरह के खतरनाक कामों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, सीवर और एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो सकती हैं। इन गैसों के संपर्क में आने से कुछ ही समय में व्यक्ति बेहोश हो सकता है और उसकी जान भी जा सकती है। इसलिए ऐसे कार्यों में प्रशिक्षित कर्मचारियों और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल बेहद जरूरी होता है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। हादसे के कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। यदि सुरक्षा नियमों में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

हादसे में जान गंवाने वाले शशिकांत शर्मा और आकाश के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है। परिजनों में घटना के बाद शोक का माहौल है।

ग्रेटर नोएडा में इससे पहले भी सीवर और टैंक सफाई के दौरान जहरीली गैस से हादसे सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों के बाद प्रशासन और विशेषज्ञ लगातार सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील करते रहे हैं।

शनिवार रात हुई इस घटना ने एक बार फिर बंद टैंकों और सीवर लाइनों की सफाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे के पीछे किसी तरह की लापरवाही थी या यह दुर्घटना थी।

फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

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