लखीमपुर खीरी: विदेश में पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने अपने गांव की वर्षों पुरानी समस्या को दूर करने के लिए अनोखी पहल की है। दुबई में कक्षा 12 में पढ़ने वाले विहान ने अपनी बचत से गांव में सौर ऊर्जा आधारित जलशोधन संयंत्र लगवाया है, जिससे अब ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है।
थारू बाहुल्य पलिया ब्लाक के परसरिया गांव में आर्सेनिक प्रभावित भूजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। दूषित पानी के कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए विहान ने गांव के लिए जलशोधन संयंत्र लगाने का फैसला किया।
आर्सेनिक प्रभावित पानी से ग्रामीण परेशान
परसरिया गांव में भूजल में आर्सेनिक की समस्या सामने आई थी। लंबे समय तक ऐसे पानी के इस्तेमाल से लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए विहान ने इसका स्थायी समाधान तलाशने की कोशिश शुरू की।
छात्र ने अपनी बचत से शुरू की पहल
विहान दुबई में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने गांव की समस्या को समझते हुए अपनी बचत राशि का उपयोग जलशोधन संयंत्र लगाने में किया।
उनका उद्देश्य था कि गांव के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। छोटी उम्र में की गई इस पहल ने ग्रामीणों के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है।
सौर ऊर्जा से चलेगा जलशोधन संयंत्र
विहान की ओर से लगवाया गया जलशोधन संयंत्र सौर ऊर्जा आधारित है। इससे बिजली की निर्भरता कम होगी और संयंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी मानी जाती है, क्योंकि इससे संचालन की लागत कम होती है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता।
3 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
इस जलशोधन संयंत्र से गांव के करीब 1,000 परिवारों को लाभ मिलने की योजना है। इससे लगभग 3,000 से अधिक लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस पहल से आर्सेनिक प्रभावित पानी की समस्या से काफी राहत मिलेगी।
2000 लीटर क्षमता की टंकी लगाई गई
परियोजना के तहत गांव में 2,000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी भी स्थापित की गई है।
इस पूरी व्यवस्था का खर्च दुबई में रहने वाला विहान का परिवार उठा रहा है। परिवार ने गांव के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस काम को पूरा कराया है।
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
स्वच्छ पेयजल किसी भी क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। आर्सेनिक प्रभावित पानी से बचाव के लिए जलशोधन व्यवस्था ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
इस पहल से न केवल पानी की समस्या दूर होगी, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
गांव से जुड़ाव का उदाहरण
विदेश में रहने के बावजूद विहान ने अपने गांव की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया। उन्होंने अपने स्तर पर समाधान तलाशने की कोशिश की और उसे जमीन पर उतारा।
ग्रामीणों का कहना है कि विहान की पहल से गांव के लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलेगी।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
जलशोधन संयंत्र लगने से परसरिया गांव के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इस प्रयास की सराहना की और उम्मीद जताई कि अब उन्हें पीने के लिए बेहतर गुणवत्ता वाला पानी मिल सकेगा।
युवाओं के लिए प्रेरणा
विहान की पहल यह संदेश देती है कि कम उम्र में भी समाज के लिए सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।
अपनी पढ़ाई के साथ-साथ गांव की समस्या के समाधान के लिए कदम उठाना युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन गया है।
यह प्रयास दिखाता है कि तकनीक, इच्छाशक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी के जरिए बड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।