आस्था के साथ ट्रैफिक मैनेजमेंट, दो बड़े एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों की नो एंट्री

Update: 2026-07-20 14:31 GMT

Lucknow लखनऊ :  30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार सरकार ने धार्मिक आस्था और आम जनता की सुविधा के बीच संतुलन बनाने की रणनीति तैयार की है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसी सिलसिले में सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण मेरठ पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर चार राज्यों के अफसरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

मेरठ स्थित आयुक्त कार्यालय में हुई इस समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए। करीब दो घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने यात्रा मार्गों की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए बेहतर यातायात योजना तैयार की जाए।

बैठक में दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों प्रमुख मार्गों पर सामान्य वाहनों का आवागमन पहले की तरह निर्बाध जारी रहेगा। कांवड़ यात्रियों के प्रवेश को इन मार्गों पर प्रतिबंधित रखा जाएगा और इसके लिए अलग से सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

सरकार की योजना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के लिए पहले से तैयार प्लान के अनुसार काम किया जाए। इससे जहां श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे, वहीं आम लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी होगी।

बैठक में अधिकारियों ने यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी चर्चा की। प्रशासन को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि यात्रा शुरू होने के बाद किसी तरह की समस्या न आए।

अधिकारियों ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखा जाएगा। यूपी सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून व्यवस्था और आम जनता की सुविधा दोनों को प्राथमिकता दी जाए।

कांवड़ यात्रा हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने की होती है। इस बार सरकार ने पहले से तैयारी कर इन चुनौतियों से निपटने की योजना बनाई है।

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