प्रयागराज में बाढ़ से निपटने के लिए सरकार कर रही 1200 करोड़ की जल निकासी योजना
PRAYAGRAJ प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: गंगा और यमुना नदियों की जलधारा के कारण प्रयागराज शहर की बड़ी आबादी हर साल बाढ़ की चपेट में आती है। इस स्थिति में जनधन और संपत्ति को गंभीर नुकसान होता है। राज्य सरकार ने संगम नगरी को बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए एक व्यापक जल निकासी योजना पर काम शुरू कर दिया है। शहर के तटीय इलाकों में रहने वाली आबादी को मानसून के तीन महीनों के दौरान हर साल बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है। अनुमानित तौर पर प्रयागराज में तीन लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इस योजना का उद्देश्य इन प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी समाधान प्रदान करना और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करना है।
सरकार की विभिन्न एजेंसियां मिलकर इस महा योजना को लागू करेंगी। इसमें नदियों के किनारों पर जल निकासी की सुविधाओं का विकास, पुराने नालों और ड्रेनेज सिस्टम का सुधार और नये जल निकासी मार्गों का निर्माण शामिल है। परियोजना की कुल लागत लगभग 1200 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना प्रयागराज के बाढ़ प्रवण इलाकों के लिए लंबी अवधि में सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की योजना न केवल बाढ़ प्रभावित आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि शहर में जलभराव और अन्य संबंधित समस्याओं को भी कम करेगी। स्थानीय प्रशासन ने भी जनता से अपील की है कि योजना के कार्यों में सहयोग करें और पानी के नालों और जल निकासी मार्गों को साफ रखने में मदद करें। सरकार का कहना है कि यह योजना प्रयागराज को एक सुरक्षित, बाढ़ मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना के पूरा होने के बाद शहर के नदियों के किनारे बसे इलाके और नागरिक बाढ़ जैसी आपदाओं से बच सकेंगे।