अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को अदालत से राहत नहीं मिली है। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। टिन्नू यादव पिछले 105 दिनों से जेल में बंद है। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और उसे जमानत पर रिहा करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
टिन्नू यादव की ओर से 28 सितंबर को जमानत के लिए नई अर्जी दाखिल की गई थी। अदालत ने इस पर संबंधित थाने से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। मामले में पुलिस पहले ही विस्तृत आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसी की ओर से करीब 74 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई थी। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद बचाव पक्ष ने पहले दी गई जमानत अर्जी वापस लेते हुए नए आधार पर दोबारा आवेदन करने का फैसला किया था।
नई जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केस की परिस्थितियों और आरोपपत्र का संज्ञान लिया। कोर्ट ने पाया कि इस स्तर पर आरोपी को जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं बनता है। इसके बाद अर्जी खारिज कर दी गई। इससे पहले भी मामले में कई आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी हैं। अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव और रामशंकर मिश्रा सहित अन्य आरोपियों को भी विशेष अदालत से राहत नहीं मिली थी। अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत अर्जियां भी निरस्त की जा चुकी हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की जांच के दौरान कई लोगों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। अभियोजन के अनुसार, जांच में करीब 79.85 लाख रुपये की बरामदगी भी हुई है। हालांकि मामले में दोष या निर्दोष होने का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा। मामले में टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की जमानत याचिकाओं पर सितंबर के अंतिम सप्ताह से लगातार सुनवाई की प्रक्रिया चल रही थी। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद बचाव पक्ष ने दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए पहले की अर्जियां वापस ले ली थीं।
इसके बाद नए तथ्यों और आधारों के साथ टिन्नू यादव की ओर से दूसरी जमानत अर्जी पेश की गई। 30 सितंबर को पुलिस की रिपोर्ट अदालत में नहीं पहुंचने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद सुनवाई के लिए नई तारीख निर्धारित की गई। मंगलवार को अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही टिन्नू यादव को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
कानूनी जानकारों के मुताबिक स्थानीय अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपी के पास उच्च न्यायालय का रुख करने का विकल्प होता है। हालांकि आगे कौन-सा कानूनी कदम उठाया जाएगा, यह बचाव पक्ष के निर्णय पर निर्भर करेगा। राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी के इस मामले पर शुरुआत से ही नजर बनी हुई है। बड़ी रकम और कई आरोपियों की भूमिका सामने आने के कारण जांच का दायरा भी व्यापक रहा है।
फिलहाल अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और मामले में आगे सुनवाई की प्रक्रिया चलेगी। टिन्नू यादव की दूसरी जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब उसकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर रहेगी। वहीं इसी मामले में जेल में बंद आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की जमानत अर्जी पर भी अदालत में सुनवाई होनी है। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज की जा चुकी हैं।
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