उत्तर प्रदेश : सीतापुर जिले के धार्मिक स्थल नैमिषारण्य स्थित एक आश्रम से तीन बच्चों के अचानक गायब होने का मामला सामने आया है। तीनों बच्चे आश्रम में रहकर वैदिक शिक्षा प्राप्त कर रहे थे और करीब एक महीने पहले ही उनका यहां प्रवेश हुआ था। गुरुवार सुबह जब आश्रम में बच्चों की गिनती की गई तो तीन छात्र गायब मिले। इसके बाद आश्रम में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि तीनों बच्चों ने आश्रम की दीवार फांदकर बाहर निकल गए। आश्रम प्रशासन ने बच्चों की तलाश शुरू की, लेकिन काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद मामले की सूचना नैमिषारण्य पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और बच्चों की तलाश के लिए टीमें गठित की गईं।
प्रार्थना सभा में सामने आया मामला
जानकारी के मुताबिक, नैमिषारण्य के श्री अध्यात्म विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम में करीब 150 छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं। यहां बच्चों को वैदिक शिक्षा के साथ-साथ अन्य विषयों की भी शिक्षा दी जाती है। बुधवार रात सभी बच्चे भोजन करने के बाद अपने कमरों में सोने चले गए थे।
गुरुवार सुबह नियमित दिनचर्या के तहत बच्चों को जगाया गया। सुबह की प्रार्थना और गिनती के दौरान तीन छात्र नजर नहीं आए। आश्रम के कर्मचारियों ने पूरे परिसर में उनकी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचना दी गई।
गायब हुए बच्चों में हरदोई, अयोध्या और लखनऊ के रहने वाले छात्र शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें दो छात्र कक्षा छह और एक छात्र कक्षा सात में पढ़ाई कर रहा था। तीनों बच्चों के अचानक गायब होने से आश्रम प्रशासन और परिजन चिंतित हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे बच्चे
पुलिस जांच के दौरान आश्रम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। जांच में सामने आया कि तीनों बच्चे आश्रम की दीवार फांदकर बाहर जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने उनके जाने वाले रास्तों पर लगे अन्य कैमरों की भी जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी में बच्चों को आश्रम से स्टेशन जाने वाले रास्ते की ओर जाते देखा गया है। हालांकि कैमरा दूर होने के कारण तस्वीरें पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस बच्चों की लोकेशन और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
आश्रम में मन नहीं लगने की बात आई सामने
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों बच्चे आश्रम में मन नहीं लगने की बात कह रहे थे। उन्होंने कथित तौर पर वहां से जाने की इच्छा भी जताई थी। हालांकि बच्चों के भागने की असली वजह क्या थी, इसका पता पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा।
परिजनों को जैसे ही बच्चों के गायब होने की जानकारी मिली, वे भी आश्रम पहुंच गए। परिवार के लोग बच्चों की सकुशल वापसी को लेकर चिंतित हैं और पुलिस से जल्द तलाश पूरी करने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने शुरू किया अभियान
नैमिषारण्य थाना पुलिस ने मामले में जांच तेज कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि बच्चों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। पुलिस आश्रम के कर्मचारियों, अन्य छात्रों और बच्चों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में भी तलाश कर रही है।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद आश्रमों और आवासीय शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संस्थानों में बच्चों की नियमित काउंसलिंग, उनकी समस्याओं को समझना और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना बेहद जरूरी है।
नाबालिग बच्चों के अचानक घर या संस्थान से चले जाने की घटनाएं कई बार मानसिक दबाव, नए माहौल में परेशानी या पारिवारिक यादों से जुड़ी होती हैं। ऐसे मामलों में बच्चों से संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल पुलिस की टीमें तीनों बच्चों की तलाश में जुटी हैं। आश्रम प्रशासन और परिजनों को उम्मीद है कि जल्द ही बच्चे सुरक्षित वापस मिल जाएंगे।
Tags: