भीरा। दुबहा कुंवरपुर गांव में खेत के किनारे लगे तारों में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से जान गंवाने वाली प्रियांशी का मंगलवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उसका शव गांव पहुंचा, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन और रिश्तेदार बिलख पड़े। जिस घर में दो महीने बाद बेटी की शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल होना था, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

प्रियांशी की अचानक हुई मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में हर तरफ हादसे की चर्चा रही और लोगों ने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सुबह घर से निकली थी प्रियांशी

घटना सोमवार तड़के की है। प्रियांशी शौच के लिए अपने घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान खेत के किनारे लगे तारों के संपर्क में आ गई। तारों में करंट दौड़ रहा था और इसकी चपेट में आने से उसकी जान चली गई।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। प्रियांशी की मौत की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी उसके घर पहुंचने लगे।

खेत के किनारे लगे तारों में दौड़ रहा था करंट

बताया गया कि खेत के किनारे तार लगाए गए थे और उनमें बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था। सुबह के समय प्रियांशी को इसका अंदाजा नहीं हो सका और वह तारों की चपेट में आ गई।

हादसे के बाद ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ गई कि खेत के आसपास इस तरह करंट प्रवाहित करना लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ग्रामीणों ने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

हादसे के बाद भड़का ग्रामीणों का आक्रोश

प्रियांशी की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने घटना को लेकर मुकदमा दर्ज करने और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। सोमवार देर शाम तक परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे।

परिजनों का कहना था कि जब तक मामले में कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक वे आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार नहीं होंगे। घटना को लेकर गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और पुलिस को भी लोगों को समझाने में काफी प्रयास करना पड़ा।

पुलिस के समझाने पर पोस्टमार्टम को तैयार हुए परिजन

थाना भीरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। थाना अध्यक्ष ने लोगों को समझाया और मामले में नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया।

मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद परिजन प्रियांशी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

शव पहुंचते ही मची चीख-पुकार

मंगलवार को प्रियांशी का शव जब दुबहा कुंवरपुर गांव स्थित उसके घर पहुंचा तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। बेटी का शव देखते ही परिवार के सदस्य बिलख पड़े। रिश्तेदारों और आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई परिवार को सांत्वना देने की कोशिश करता दिखाई दिया। अचानक हुई इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा दिया है।

दो महीने बाद होनी थी शादी

इस हादसे को और दर्दनाक बनाने वाली बात यह है कि प्रियांशी की शादी करीब दो महीने बाद होनी थी। परिवार में शादी को लेकर तैयारियां शुरू होने वाली थीं। बेटी की शादी को लेकर घर के लोग उत्साहित थे और आने वाले दिनों में मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारी की जानी थी।

लेकिन सोमवार की सुबह हुए हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। जिस घर में जल्द ही शादी के गीत सुनाई देने वाले थे, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण भी इस बात को याद कर भावुक हो रहे हैं कि परिवार अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटने वाला था।

गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

मंगलवार को प्रियांशी का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उसे अंतिम विदाई दी।

अंतिम संस्कार के समय माहौल बेहद भावुक रहा। परिजनों को संभालना मुश्किल हो रहा था। गांव के लोग परिवार के साथ खड़े नजर आए और उन्होंने घटना पर दुख जताया।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

खेत के किनारे लगाए गए तारों में करंट दौड़ने की घटना ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। खेतों के आसपास यदि खुले या असुरक्षित तरीके से बिजली प्रवाहित की जाती है तो इससे राहगीरों, किसानों और पशुओं की जान को खतरा हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ खेतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

जांच और कार्रवाई की मांग

प्रियांशी की मौत के बाद परिजनों की प्रमुख मांग मामले में मुकदमा दर्ज कर जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने की थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद ही परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।

अब ग्रामीणों की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर है। उनका कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि खेत के किनारे तारों में करंट किसने और किन परिस्थितियों में प्रवाहित किया था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

बेटी की शादी से ठीक दो महीने पहले हुई मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। शादी की तैयारियों को लेकर जो सपने परिवार ने देखे थे, वे एक हादसे में टूट गए। गांव में मंगलवार को पूरे दिन शोक का माहौल रहा।

प्रियांशी की अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें नम थीं। परिवार के लिए यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा था कि जिस बेटी को कुछ ही समय बाद दुल्हन बनाकर विदा करने की तैयारी थी, उसे इस तरह अंतिम विदाई देनी पड़ेगी।

दुबहा कुंवरपुर की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अब परिजन और ग्रामीण मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही किसी और परिवार के लिए जानलेवा साबित न हो।

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