प्रयागराज :  माफिया सरगना रहे अतीक अहमद के परिवार पर एक और बड़ा संकट आ गया है। वर्ष 2023 में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद जिस परिवार की लगातार चर्चा होती रही, अब उसी परिवार का सबसे छोटा बेटा अबान अहमद भी सड़क हादसे का शिकार हो गया। झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में अबान की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसके साथ कार चला रहे एक अन्य युवक की भी जान चली गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक बार फिर अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि वह अपने पति और बड़े बेटे असद की मौत के बाद भी सामने नहीं आई थीं।
गुरुवार सुबह झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार प्रयागराज से झांसी की ओर जा रही तेज रफ्तार क्रेटा कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार लगभग 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कार के कई पुर्जे दूर-दूर तक बिखर गए। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन कार में फंसे लोगों को बाहर निकालना आसान नहीं था। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू अभियान चलाकर घायलों को बाहर निकाला।
पुलिस के अनुसार अबान अहमद अपने कुछ दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। अली पिछले करीब दस महीनों से झांसी जेल की तन्हाई बैरक में बंद है। इसी दौरान रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने तेज रफ्तार को दुर्घटना का मुख्य कारण माना है। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया कि उस समय हल्की बारिश हो रही थी और सड़क पर एक मवेशी आने की आशंका भी जताई जा रही है। माना जा रहा है कि चालक ने पशु को बचाने के प्रयास में अचानक स्टेयरिंग मोड़ दिया, जिससे वाहन नियंत्रण खो बैठा और डिवाइडर से जा टकराया।
इस घटना ने अतीक अहमद के परिवार की त्रासदी को और गहरा कर दिया है। इससे पहले अप्रैल 2023 में अतीक के बेटे असद अहमद को उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ ने झांसी जिले में ही मुठभेड़ में मार गिराया था। असद पर उमेश पाल हत्याकांड में शामिल होने का आरोप था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस को उसकी लोकेशन झांसी में मिली थी, जहां मुठभेड़ के दौरान उसकी और उसके साथी गुलाम की मौत हो गई थी। अब उसी झांसी में छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत होने से लोग झांसी को अतीक के बेटों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थान के रूप में देखने लगे हैं।
राजू पाल हत्याकांड और उसके बाद उमेश पाल हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त अभियान चलाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने लगातार कार्रवाई करते हुए अतीक गैंग के कई सदस्यों पर शिकंजा कसा। इसी अभियान के दौरान असद अहमद का एनकाउंटर हुआ और बाद में अतीक अहमद तथा अशरफ की प्रयागराज में पुलिस सुरक्षा के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई।
अबान की मौत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा शाइस्ता परवीन को लेकर हो रही है। अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता पिछले कई वर्षों से फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही है। पति अतीक और बेटे असद की मौत के समय भी वह सामने नहीं आई थी और न ही अंतिम संस्कार में शामिल हुई थी। अब छोटे बेटे अबान की मौत के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार वह अपने बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने आएगी या फिर पहले की तरह फरार ही रहेगी। हालांकि पुलिस अभी भी उसकी गिरफ्तारी के लिए निगरानी बनाए हुए है और उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है।
यदि अतीक अहमद के परिवार की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो परिवार लगभग बिखर चुका है। अतीक और अशरफ की हत्या हो चुकी है। बड़ा बेटा असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। सबसे बड़ा बेटा उमर जेल में बंद है और दूसरा बेटा अली भी झांसी जेल में बंद है। परिवार का एक अन्य बेटा अहजम ही बाहर है, जबकि शाइस्ता परवीन अब भी फरार चल रही है। लगातार हुई इन घटनाओं ने कभी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय रहे अतीक अहमद के परिवार को पूरी तरह संकट में डाल दिया है। अबान की मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे प्रदेश में एक बार फिर उस माफिया परिवार की कहानी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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