लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) अब आउटसोर्स कार्मिकों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) और कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा। इसके तहत कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा, बीमारी के दौरान अवकाश, मातृत्व अवकाश और भविष्य में पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। लंबे समय से आउटसोर्स कर्मी स्थायी कर्मचारियों की तरह सुविधाओं की मांग करते रहे हैं। अब ESIC और EPF से जोड़कर उन्हें स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की योजना बनाई गई है।
बीमारी की स्थिति में मिलेगा सवैतनिक अवकाश
यूपीकास की व्यवस्था के अनुसार, आउटसोर्स कर्मचारियों को अस्वस्थता या गंभीर बीमारी की स्थिति में ESIC के माध्यम से सुविधा मिलेगी। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को 78 दिनों तक का सवैतनिक अवकाश (पेड लीव) दिया जाएगा।
इस सुविधा से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिन्हें बीमारी के कारण लंबे समय तक काम से दूर रहना पड़ता है। पहले कई आउटसोर्स कर्मियों को बीमारी के दौरान काम नहीं करने पर आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।
अब ESIC व्यवस्था के तहत इलाज के साथ-साथ बीमारी के दौरान आय का सहारा भी मिल सकेगा। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
महिला कर्मचारियों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश
यूपीकास ने महिला आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी विशेष सुविधा की व्यवस्था की है। महिला कर्मियों को 180 दिनों का सवैतनिक मातृत्व अवकाश दिया जाएगा।
इस सुविधा का लाभ अधिकतम दो बच्चों के जन्म तक लिया जा सकेगा। इसका उद्देश्य महिला कर्मचारियों को प्रसव के दौरान आर्थिक चिंता से मुक्त करना और उन्हें पर्याप्त आराम व देखभाल का समय उपलब्ध कराना है।
मातृत्व अवकाश की यह सुविधा महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य और नवजात शिशु की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इलाज की सुविधा से मिलेगी बड़ी राहत
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर रही है। निजी संस्थानों और विभागों में काम करने वाले कई कर्मचारी आर्थिक कारणों से बेहतर इलाज नहीं करा पाते थे।
ESIC से जुड़ने के बाद कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के तहत चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार का मानना है कि कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और वे अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।
EPF से भविष्य की आर्थिक सुरक्षा
आउटसोर्स कार्मिकों को EPF सुविधा से जोड़ने का उद्देश्य उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। कर्मचारी भविष्य निधि के माध्यम से कर्मचारियों की नियमित बचत होगी, जो नौकरी के बाद आर्थिक सहायता का आधार बन सकती है।
EPF के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की ओर से निर्धारित योगदान जमा किया जाता है। इससे कर्मचारियों को भविष्य में आर्थिक मदद मिलती है।
इसके अलावा, पात्र कर्मचारियों को पेंशन सुविधा का लाभ भी मिल सकता है। इससे लंबे समय तक आउटसोर्स सेवा में रहने वाले कर्मचारियों को भविष्य की चिंता से राहत मिलेगी।
लाखों कर्मचारियों को होगा फायदा
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। इनमें कार्यालय सहायक, तकनीकी कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी, सफाई कर्मचारी और अन्य श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं।
इन कर्मचारियों को अब सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है। इससे उन्हें नौकरी के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा और भविष्य के लिए आर्थिक सहायता दोनों मिल सकेंगी।
यूपीकास की यह व्यवस्था आउटसोर्स कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कर्मचारियों की लंबे समय से थी मांग
आउटसोर्स कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से मांग की जाती रही है कि उन्हें भी स्वास्थ्य बीमा, अवकाश और भविष्य निधि जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। स्थायी कर्मचारियों की तुलना में आउटसोर्स कर्मियों को कई सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता था।
अब ESIC और EPF से जोड़ने की पहल से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि नौकरी के प्रति उनका भरोसा भी बढ़ेगा।
सरकार का लक्ष्य सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में काम करने वाले हर श्रेणी के कर्मचारियों को न्यूनतम सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध हो। आउटसोर्स कर्मियों को ESIC और EPF के दायरे में लाना इसी दिशा में एक कदम है।
यूपीकास के माध्यम से इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की जा रही है। आने वाले समय में आउटसोर्स कर्मचारियों को इन सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा।
इस पहल से उत्तर प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता और भविष्य की सुरक्षा के रूप में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।