सिद्धार्थनगर: राम मंदिर आंदोलन के दौर की यादों से जुड़ी सिद्धार्थनगर की मशहूर मिठाई ‘राम कटोरी’ अब नए स्वाद और नए अंदाज में लोगों के बीच पहुंचने की तैयारी कर रही है। वर्षों से बर्डपुर और आसपास के क्षेत्रों की पहचान बनी इस पारंपरिक मिठाई को अब 10 अलग-अलग फ्लेवर में तैयार करने का प्रयोग किया जा रहा है। इनमें केसर, पिस्ता, बादाम, काजू, इलायची, गुलाब, चॉकलेट, आम, नारियल और रबड़ी जैसे स्वाद शामिल हैं। कोशिश है कि पारंपरिक स्वाद की पहचान बनाए रखते हुए राम कटोरी को नई पीढ़ी और बड़े बाजार से जोड़ा जाए।
जेल में आया था राम कटोरी बनाने का विचार
राम कटोरी के जन्म की कहानी राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी बताई जाती है। बर्डपुर के मिठाई कारोबारी विनोद मोदनवाल राम मंदिर आंदोलन में कारसेवक के रूप में शामिल थे। प्रकाशित विवरणों के मुताबिक आंदोलन के दौरान गिरफ्तारी के बाद उन्हें बस्ती जेल भेजा गया था। जेल में रहते हुए उनके मन में एक अलग तरह की मिठाई बनाने का विचार आया। रिहा होने के बाद उन्होंने कटोरी के आकार की मिठाई तैयार की और इसका नाम ‘राम कटोरी’ रखा। बाद में इसे कारसेवकों के बीच प्रसाद के रूप में बांटा गया और धीरे-धीरे यह स्थानीय बाजार में लोकप्रिय हो गई। हालांकि इसके जन्म के वर्ष और जेल में रहने की अवधि को लेकर पुराने प्रकाशित विवरणों में कुछ अंतर मिलता है। कुछ रिपोर्ट इसे 1990 की घटना से जोड़ती हैं, जबकि अन्य में 1992 का उल्लेख है। इसलिए इसके इतिहास को राम मंदिर आंदोलन के दौर से जुड़ी स्थानीय परंपरा के रूप में देखना अधिक उचित है।
हल्की मिठास और कटोरी जैसा आकार बनी पहचान
राम कटोरी की सबसे बड़ी खासियत इसका कटोरी जैसा आकार और हल्का मीठा स्वाद है। इसे खोवा, मलाई और घी के मिश्रण से तैयार किए जाने की परंपरा रही है। अपने अलग स्वाद की वजह से यह केवल सिद्धार्थनगर तक सीमित नहीं रही। मुंबई, अहमदाबाद, सूरत और दिल्ली जैसे शहरों तक इसे ले जाया जाता रहा है। सऊदी अरब, दुबई और शारजाह में रहने वाले लोगों तक भी इसके पहुंचने का उल्लेख मिलता है।
अब 10 फ्लेवर में मिलेगा नया स्वाद
बदलते बाजार और युवाओं की पसंद को देखते हुए अब राम कटोरी में नए प्रयोग किए जा रहे हैं। पारंपरिक राम कटोरी के साथ केसर, पिस्ता, बादाम, काजू, इलायची, गुलाब, चॉकलेट, आम, नारियल और रबड़ी जैसे विकल्प जोड़ने की जानकारी सामने आई है। इन नए फ्लेवर के जरिए इस स्थानीय मिठाई को आधुनिक मिठाइयों और डेजर्ट के बीच अलग पहचान दिलाने की कोशिश है।
ब्रांडिंग के लिए एक करोड़ रुपये का बजट
राम कटोरी को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में सरकारी स्तर पर भी पहल हुई है। फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसे एक जनपद-एक व्यंजन योजना के तहत चुना गया और इसकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग तथा प्रचार-प्रसार के लिए एक करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया। इससे स्थानीय मिठाई कारोबारियों और कारीगरों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। राम मंदिर आंदोलन की स्मृतियों से निकलकर स्थानीय ब्रांड बनने तक राम कटोरी ने लंबा सफर तय किया है। अब इसके 10 नए फ्लेवर इस सफर में नया अध्याय जोड़ सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पारंपरिक राम कटोरी का नया स्वाद ग्राहकों को कितना पसंद आता है और यह मिठाई सिद्धार्थनगर से निकलकर कितनी बड़ी पहचान बना पाती है।
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