कन्नौज : उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान हुए विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब सदर कोतवाल इंस्पेक्टर जितेंद्र प्रताप सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में इंस्पेक्टर कांवड़ियों के सामने अपनी सफाई देते हुए भावुक नजर आ रहे हैं और कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर उनसे कोई गलती हुई है तो उनका सिर और सामने वाले का जूता बराबर है। उन्होंने खुद को सच्चा सनातनी बताते हुए अपनी बात रखने की कोशिश की।
मामला कन्नौज के अतिप्राचीन बाबा गौरीशंकर मंदिर से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, कांवड़ यात्री जल लेकर मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंचे थे। इसी दौरान डीजे और यात्रा व्यवस्था को लेकर पुलिस और कांवड़ियों के बीच विवाद हो गया। पुलिस का कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था और संकरे रास्ते को देखते हुए डीजे को आगे ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी, जबकि कांवड़ियों की मांग थी कि डीजे को मंदिर तक ले जाने दिया जाए।
विवाद बढ़ने के बाद कांवड़ियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। काफी देर तक बातचीत के बाद मामला शांत कराने का प्रयास किया गया।
इंस्पेक्टर ने माइक पर दी सफाई
वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर जितेंद्र प्रताप सिंह कांवड़ियों के सामने माइक लेकर अपनी बात रखते नजर आए। उन्होंने कहा कि यदि उनसे कोई गलती हुई है तो वह जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। इसी दौरान उन्होंने कहा, "अगर मैंने कोई गलती की है तो मेरा सिर और आपका जूता बराबर।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को उनके सनातनी होने पर शक है तो वह इसे साबित करने को तैयार हैं।
इंस्पेक्टर के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे माहौल शांत करने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुलिस अधिकारी की भाषा और भावनात्मक प्रतिक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
इस्तीफे का भी किया ऐलान
वायरल वीडियो के दूसरे हिस्से में इंस्पेक्टर खुद के इस्तीफे की बात करते हुए भी नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कोई गलत काम किया है तो ईश्वर न्याय करेगा। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई और स्थिति को लेकर अधिकारियों ने बातचीत की।
बताया गया कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद कांवड़ियों का विरोध खत्म हुआ और यात्रा आगे बढ़ी। प्रशासन ने मामले को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की कोशिश की।
क्या था विवाद का कारण?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे को आगे ले जाने को लेकर शुरू हुआ था। पुलिस सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए डीजे को एक निर्धारित स्थान तक ही रखने की बात कह रही थी। वहीं कांवड़ियों का आरोप था कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। अधिकारियों ने लोगों को समझाया और स्थिति सामान्य कराई।
पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा?
कन्नौज के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों ने डीजे को अंदर तक ले जाने से रोका था। उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद मामला शांत हो गया और कांवड़ यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हुई।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इंस्पेक्टर का बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे पुलिस अधिकारी की भावनात्मक प्रतिक्रिया बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग मानते हैं कि अधिकारियों को ऐसे मामलों में संयम और नियमों के अनुसार काम करना चाहिए।
राजनीतिक और सामाजिक नजरिए से भी यह मामला चर्चा में आ गया है, क्योंकि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों में प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।