उत्तर प्रदेश : गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां मां की डांट से नाराज होकर 15 वर्षीय किशोरी पानी की टंकी पर चढ़ गई। किशोरी काफी देर तक टंकी पर बैठी रही और नीचे पैर लटकाए रही। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।

मामला महादेव झारखंडी कॉलोनी का है। यहां रविवार दोपहर किशोरी के टंकी पर चढ़ने के बाद करीब तीन घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आखिरकार महिला पुलिसकर्मी की सूझबूझ और साहस से किशोरी को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

मां की डांट के बाद उठाया कदम

जानकारी के अनुसार, 15 वर्षीय किशोरी किसी बात को लेकर अपनी मां से नाराज हो गई थी। बताया जा रहा है कि मां ने उसे किसी बात पर डांट दिया था, जिसके बाद वह भावनात्मक रूप से परेशान हो गई।

कुछ ही देर बाद किशोरी पानी की टंकी पर चढ़ गई और वहां बैठ गई। जब परिजनों और आसपास के लोगों की नजर उस पर पड़ी तो सभी घबरा गए।

टंकी पर बैठी किशोरी को देख जुटी भीड़

किशोरी को ऊंचाई पर बैठा देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने उसे नीचे आने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई।

लोगों को डर था कि अगर किशोरी का संतुलन बिगड़ा तो बड़ा हादसा हो सकता है।

इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी।

पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलने के बाद एम्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिसकर्मियों ने किशोरी से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने काफी देर तक उससे बात की और सुरक्षित नीचे आने के लिए कहा।

हालांकि, किशोरी काफी समय तक अपनी बात पर अड़ी रही और टंकी से नीचे नहीं उतरी।

महिला दारोगा ने दिखाई हिम्मत

करीब तीन घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद महिला दारोगा जागृति खरवार ने जोखिम उठाने का फैसला किया।

उन्होंने किशोरी से बातचीत जारी रखी और मौका देखकर उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया।

महिला दारोगा की सूझबूझ और साहस के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

परिवार ने ली राहत की सांस

किशोरी के सुरक्षित नीचे आने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।

मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और महिला दारोगा के साहस की प्रशंसा की।

परिजनों ने भी पुलिस का धन्यवाद किया कि समय रहते किशोरी को सुरक्षित बचा लिया गया।

पुलिस ने किशोरी को समझाया

पुलिस ने किशोरी से बातचीत कर उसकी परेशानी जानने की कोशिश की।

अधिकारियों ने उसे समझाया कि किसी भी समस्या या नाराजगी की स्थिति में इस तरह का कदम उठाना खतरनाक हो सकता है।

पुलिस ने परिवार से भी अपील की कि बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें।

भावनात्मक स्थिति में उठाए गए कदम से बचने की अपील

विशेषज्ञों के अनुसार, किशोरावस्था में बच्चे कई बार छोटी-छोटी बातों को लेकर भावनात्मक रूप से परेशान हो जाते हैं।

ऐसे समय में परिवार के लोगों को बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए।

गुस्से या तनाव की स्थिति में उठाया गया कोई भी गलत कदम गंभीर परिणाम दे सकता है।

पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

गोरखपुर की इस घटना में पुलिस की समय पर पहुंच और महिला दारोगा के साहस ने बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

तीन घंटे तक चले प्रयास के बाद किशोरी को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बच्चों और किशोरों की भावनाओं को समझना और समय रहते संवाद करना बेहद जरूरी है।

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