Firozabad फिरोजाबाद : फिरोजाबाद जिले के भौड़ेला गांव की रहने वाली पूनम जैन की जिंदगी एक साधारण गृहणी से आत्मनिर्भर महिला बनने की प्रेरणादायक कहानी बन गई है। घरेलू जिम्मेदारियों और आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें घर की चौखट पार कर बाहर की दुनिया में कदम रखना पड़ा, लेकिन यही कदम उनके जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया।
शादी के बाद घर-परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए पूनम जैन को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। ऐसे समय में उन्हें गांव में चल रहे स्वयं सहायता समूह “भोले बाबा स्वयं सहायता समूह” के बारे में जानकारी मिली। इस समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कई तरह की ट्रेनिंग ली, जिससे उनके आत्मविश्वास और कौशल में बढ़ोतरी हुई।
ट्रेनिंग के बाद साल 2021 में पूनम जैन को “विद्युत सखी” के रूप में काम करने का अवसर मिला। इस काम ने उनके जीवन को नई दिशा दी। अब वे गांव-गांव जाकर लोगों के बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं को हल करने और बकाया बिल जमा कराने का कार्य करती हैं। इस दौरान उन्हें लोगों से मिलने-जुलने और प्रशासनिक कामकाज को समझने का अनुभव भी मिला।
पूनम जैन बताती हैं कि पहले वह सिर्फ घर तक सीमित थीं, लेकिन विद्युत सखी बनने के बाद उन्होंने बाहर की दुनिया को करीब से जाना। अब वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपनी कमाई से परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं।
विद्युत सखी के रूप में काम करते हुए पूनम जैन गांव के लोगों की मदद भी कर रही हैं। कई बार लोगों के गलत बिजली बिल या भुगतान संबंधी समस्याओं को वे संबंधित विभाग तक पहुंचाकर समाधान कराने में मदद करती हैं। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलती है।
उनकी यह यात्रा इस बात का उदाहरण है कि अगर सही प्रशिक्षण और अवसर मिले तो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। स्वयं सहायता समूह की इस पहल ने न केवल पूनम जैन को रोजगार दिया, बल्कि उन्हें समाज में एक नई पहचान भी दिलाई।