मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी क्षेत्र में 14 वर्षीय अतुल की मौत से उसका परिवार गहरे सदमे में है। कक्षा सात में पढ़ने वाला अतुल शनिवार सुबह रोज की तरह स्कूल गया था। कक्षा में बैठने के कुछ देर बाद उसे घुटन और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। उसने अपनी तकलीफ शिक्षामित्र को बताई। शिक्षामित्र ने पानी पिलाने के लिए गिलास आगे बढ़ाया तो वह डरकर चीखने और भागने लगा। बाद में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रविवार सुबह दिल्ली के अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार सुबह स्कूल पहुंचने के बाद अतुल कक्षा में बैठा था। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। घुटन महसूस होने और सांस लेने में परेशानी होने पर उसने शिक्षामित्र से अपनी समस्या कही। इसके बाद शिक्षामित्र ने उसे पानी देने का प्रयास किया। लेकिन गिलास सामने आते ही अतुल की प्रतिक्रिया देखकर कक्षा के दूसरे बच्चे भी घबरा गए। छात्र अपनी तकलीफ बताने के बाद पानी का गिलास देखकर चीखने लगा और वहां से भागने लगा।
अतुल की यह हालत स्कूल में पढ़ाई के दौरान सामने आई। उपलब्ध जानकारी में बताया गया है कि वह रोज की तरह स्कूल पहुंचा था और परेशानी कक्षा में बैठने के कुछ समय बाद शुरू हुई। स्कूल आने से पहले उसकी तबीयत कैसी थी या घर पर कोई अन्य लक्षण दिखाई दिए थे, इसका विवरण नहीं दिया गया है। सामने आए घटनाक्रम में घुटन, सांस लेने में परेशानी और पानी का गिलास देखकर डरने की बात प्रमुख है।
बच्चे की हालत देखकर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। इसके बाद उसे दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया। परिवार ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से लेकर दिल्ली तक उपचार के लिए प्रयास किया, लेकिन रविवार सुबह उसकी जान नहीं बच सकी। शनिवार को स्कूल में तबीयत बिगड़ने के बाद अगले दिन सुबह मौत होने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली के किस अस्पताल में उपचार हुआ, इसका नाम उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।
परिजनों ने अतुल की मौत के बाद करीब दो महीने पहले हुई एक घटना का उल्लेख किया है। उनके मुताबिक, अतुल कुत्ते को रोटी खिला रहा था। इसी दौरान कुत्ते के नाखून से उसकी उंगली में खरोंच लग गई थी। उस समय परिवार ने इसे मामूली चोट समझा। परिजनों का कहना है कि खरोंच लगने के बाद अतुल को एंटी रेबीज टीका नहीं लगवाया गया था। यह जानकारी परिवार की ओर से बताई गई है।
परिजनों के विवरण में कुत्ते के काटने के बजाय उसके नाखून से उंगली में खरोंच लगने की बात कही गई है। इसलिए घटना को कुत्ते के काटने के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। खरोंच की गहराई, उस समय उंगली से खून निकला था या नहीं और चोट के बाद क्या देखभाल की गई, इसका ब्योरा उपलब्ध नहीं है। परिवार ने केवल इतना बताया है कि चोट को मामूली माना गया और एंटी रेबीज टीका नहीं लगवाया गया।
स्कूल में पानी का गिलास देखकर अतुल के डरने और चीखने की घटना तथा दो महीने पहले लगी खरोंच, दोनों बातें सामने आई हैं। हालांकि, दिए गए विवरण में डॉक्टरों का निदान, जांच रिपोर्ट या मौत के कारण की चिकित्सकीय पुष्टि शामिल नहीं है। इसलिए केवल इन घटनाओं के आधार पर रेबीज से मौत होने का निश्चित दावा नहीं किया जा सकता। अतुल की मृत्यु का प्रमाणित कारण बताने के लिए संबंधित अस्पताल या चिकित्सकों की जानकारी आवश्यक है।
शिक्षामित्र ने अतुल की तकलीफ सुनकर पानी पिलाने का प्रयास किया था। लेकिन गिलास आगे बढ़ाने पर उसकी प्रतिक्रिया असामान्य रही। वह डरकर चीखने और भागने लगा, जिससे दूसरे बच्चे भी घबरा गए। उपलब्ध जानकारी में इस घटना के बाद स्कूल की ओर से उठाए गए अन्य कदमों का विस्तृत उल्लेख नहीं है। शिक्षामित्र का नाम और विद्यालय की पहचान भी नहीं दी गई है। घटना का विवरण अतुल की तबीयत बिगड़ने और उसकी प्रतिक्रिया तक सीमित है।
अतुल की मौत ने परिवार को गहरा दुख पहुंचाया है। शनिवार सुबह स्कूल जाने वाला बच्चा अगले दिन अस्पताल में जिंदगी खो बैठा। परिवार के लिए उसकी अचानक बिगड़ी हालत और उपचार के बावजूद मृत्यु होना बेहद पीड़ादायक रहा। परिजन अब पहले लगी खरोंच और उस समय टीका नहीं लगवाए जाने की जानकारी दे रहे हैं। लेकिन परिवार के बयान और चिकित्सकीय निष्कर्ष को अलग रखना जरूरी है, ताकि मृत्यु के कारण के संबंध में अपुष्ट बात को तथ्य न बनाया जाए।
बिलारी क्षेत्र के इस मामले में फिलहाल स्पष्ट घटनाक्रम यही है कि 14 वर्षीय अतुल शनिवार को स्कूल गया, कक्षा में उसे घुटन और सांस लेने में परेशानी हुई तथा पानी देने पर वह डरकर चीखने लगा। परिजन उसे पहले सीएचसी और फिर दिल्ली के अस्पताल ले गए, जहां रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिवार ने दो महीने पहले कुत्ते के नाखून से खरोंच लगने और एंटी रेबीज टीका नहीं लगवाने की बात कही है। मौत के कारण की चिकित्सकीय पुष्टि का विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।