Muzaffarnagar, में महिलाओं के लिए खास पहल, नव चेतना शिविर में स्वास्थ्य और आध्यात्म का संगम
Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : भारत विकास परिषद मेन के तत्वावधान में द आर्ट ऑफ लिविंग के मार्गदर्शन और आर्ष सेवा संस्थान के सहयोग से महिलाओं के लिए तीन दिवसीय "नव चेतना शिविर" का शुभारंभ किया गया। भरतिया कॉलोनी स्थित आर्ष सेवा संस्थान परिसर में आयोजित इस शिविर में 25 महिलाओं और युवतियों ने हिस्सा लिया।
शिविर के पहले दिन प्रतिभागियों को ध्यान, प्राणायाम, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान और योगाभ्यास के माध्यम से व्यक्ति मानसिक तनाव को कम कर अपने जीवन में ऊर्जा और सकारात्मकता ला सकता है।
कार्यक्रम के दौरान पंचतत्वों के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश जैसे पंचतत्वों का मानव जीवन से संबंध समझाते हुए बताया कि प्रकृति के इन तत्वों का संतुलन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है।
शिविर में प्रतिभागियों को सही श्वसन तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि सही तरीके से सांस लेने की प्रक्रिया शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाती है और तनाव, चिंता जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में सहायक होती है।
ध्यान सत्र के दौरान महिलाओं को वर्तमान क्षण में रहने और जीवन को संतुलित तरीके से जीने के उपाय बताए गए। प्रशिक्षकों ने कहा कि नियमित ध्यान और प्राणायाम से व्यक्ति अधिक शांत, आत्मविश्वासी और सकारात्मक बन सकता है।
कार्यक्रम में भारत विकास परिषद मेन के कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम सिंघल ने परिषद की गतिविधियों और समाजसेवा से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत विकास परिषद सेवा, संस्कार और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है।
वहीं आर्ष सेवा संस्थान के संस्थापक सचिव विमल आर्य ने संस्थान की ओर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य, संस्कार और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षक सीमा शर्मा, पूनम गोयल और गुंजन शर्मा का स्वागत आर्ष सेवा संस्थान की शिक्षिका पूनम गुप्ता और गुंजन गर्ग ने किया। प्रशिक्षक सीमा शर्मा ने बताया कि द आर्ट ऑफ लिविंग का विस्तार वर्तमान में दुनिया के 188 देशों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने ध्यान और आध्यात्मिक जीवनशैली का संदेश विश्वभर में पहुंचाया है।
ध्यान सत्र से पहले प्रतिभागियों को प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इसके बाद आयोजित सत्संग में प्रतिभागियों ने भजन और भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिससे माहौल आध्यात्मिक हो गया।
शिविर के समापन अवसर पर भारत विकास परिषद मेन के अध्यक्ष एडवोकेट कान्ति राठी ने सभी प्रशिक्षकों का आभार जताया। उन्होंने शिविर की बेहतर व्यवस्था के लिए विमल आर्य और अजय गर्ग की भी सराहना की।
आयोजकों ने बताया कि तीन दिवसीय इस शिविर का उद्देश्य महिलाओं को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। प्रतिभागियों ने दूसरे दिन भी उत्साह के साथ शिविर में शामिल होने का संकल्प लिया।