गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) नेता की कथित तौर पर बिना अनुमति निकाली गई रैली के कारण गोरखपुर-सोनौली हाईवे पर लंबा जाम लग गया। रैली में शामिल बड़ी संख्या में वाहनों और समर्थकों की भीड़ के कारण सड़क की एक लेन पूरी तरह बाधित हो गई। इस दौरान एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे मरीजों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराया गया।
मामला गोरखपुर के कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां सपा नेता **साधु यादव** की रैली रविवार को निकाली गई थी। पुलिस के अनुसार, रैली के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। शुरुआत में पुलिस ने रैली रोकने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों की भारी भीड़ के कारण स्थिति संभालने में समय लगा।
भरवल से शुरू हुई रैली पहुंची जंगल कौड़िया
जानकारी के मुताबिक, रैली की शुरुआत पीपीगंज क्षेत्र के भरवल से हुई। इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, बाइक, कार और ट्रैक्टर शामिल थे। रैली आगे बढ़ते हुए जंगल कौड़िया की ओर पहुंची, जहां वाहनों की संख्या बढ़ने से हाईवे पर यातायात व्यवस्था बिगड़ गई।
जंगल कौड़िया टोल प्लाजा के पास रैली में शामिल वाहनों के कारण सड़क की एक लेन बंद हो गई। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होने लगी।
करीब एक घंटे तक जाम में फंसे वाहन
रैली के कारण गोरखपुर-सोनौली हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। सैकड़ों वाहन सड़क पर फंस गए। इस दौरान एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे आपात स्थिति में जा रहे मरीज को परेशानी हुई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर जाम लगने से आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने में देर से पहुंचे।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाने का प्रयास किया। पुलिस ने रैली में शामिल लोगों और वाहनों को व्यवस्थित कर यातायात सुचारु कराया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। बिना अनुमति किसी भी बड़े आयोजन या रैली से यातायात प्रभावित होता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनुमति को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए अनुमति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी रैली या जुलूस के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होता है, ताकि सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
वहीं, सपा समर्थकों का कहना है कि रैली राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा थी और बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए थे।
हाईवे जाम से बढ़ी लोगों की परेशानी
गोरखपुर-सोनौली हाईवे नेपाल और पूर्वांचल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां जाम लगने से बड़ी संख्या में यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को पहले से बेहतर तरीके से तैयार किया जाएगा, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
आगे कार्रवाई की तैयारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, बिना अनुमति रैली निकालने और यातायात बाधित करने को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
राजनीतिक कार्यक्रमों और आम जनता की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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