तीन दिन में उखड़ी शास्त्री पुल की सड़क, PWD की गुणवत्ता पर सवाल

Update: 2026-07-20 11:29 GMT

प्रयागराज: गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक शास्त्री पुल की सड़क मरम्मतीकरण के कुछ ही दिनों बाद खराब होने लगी है। सड़क के उखड़ने से लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्य गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। पुल पर करीब डेढ़ महीने तक चले मरम्मत कार्य के बाद 16 जुलाई से आवागमन शुरू किया गया था, लेकिन महज तीन दिन बाद ही एक्सप्रेशन ज्वाइंटर के पास सड़क का पैच उखड़ने लगा। अब विभाग की ओर से इसे दोबारा ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शास्त्री पुल पर मरम्मतीकरण का काम 3 जून से शुरू किया गया था। इस दौरान पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई थी, ताकि मरम्मत कार्य आसानी से पूरा किया जा सके। करीब 42 दिनों तक चले इस काम को 15 जुलाई को पूरा किया गया और अगले दिन यानी 16 जुलाई से पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया गया।

लेकिन पुल खुलने के कुछ ही दिनों बाद सड़क की स्थिति खराब होने लगी। पुल के एक्सप्रेशन ज्वाइंटर के पास लगाए गए पैच कई जगह से उखड़ गए हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने सड़क की खराब हालत को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर मरम्मत कार्य की गुणवत्ता बेहतर होती तो इतनी जल्दी सड़क खराब नहीं होती।

शास्त्री पुल करीब 2200 मीटर लंबा फोर लेन पुल है, जो प्रयागराज में आवागमन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस पुल से बड़ी संख्या में रोजाना वाहन गुजरते हैं। खासकर दारागंज से झूंसी जाने वाले रूट पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है। भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण पुल की सड़क पर पहले भी कई जगह गड्ढे हो गए थे, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग ने पुल के मरम्मतीकरण का फैसला लिया था। योजना के तहत पुल पर काम दो चरणों में किया जाना है। पहले चरण में दारागंज से झूंसी जाने वाले मार्ग की मरम्मत पूरी की गई है। दूसरे चरण का काम भी आगे किया जाना प्रस्तावित है।

हालांकि पहले चरण के काम के बाद ही सड़क उखड़ने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई होगी, जिसकी वजह से कुछ ही दिनों में सड़क खराब हो गई।

लोक निर्माण विभाग की ओर से मामले में सफाई देते हुए कहा गया है कि एक्सप्रेशन ज्वाइंटर के पास पैचिंग उखड़ने की जानकारी मिली है और इसे ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि मरम्मत के दौरान जांच में कुछ खामियां सामने आई थीं, जिन्हें अब दूर किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, खराब हुए हिस्से को जल्द ही दोबारा दुरुस्त कर दिया जाएगा। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि जब मरम्मत कार्य के दौरान जांच की गई थी और खामियां सामने आई थीं, तो उन्हें उसी समय क्यों नहीं सुधारा गया।

शास्त्री पुल प्रयागराज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी मजबूती सीधे तौर पर हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है। ऐसे में मरम्मतीकरण के कुछ दिनों बाद ही सड़क खराब होना चिंता का विषय माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में पुल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कौन से उपाय किए जाते हैं।

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