वाराणसी: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सरकारी विद्यालय के बंद होने को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कोनिया स्थित सरकारी विद्यालय को बंद कर दिया गया, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे अब भी संचालित दिखाया जा रहा है।

संजय सिंह ने तेलियाबाग स्थित पटेल धर्मशाला में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान इस मामले को उठाया। उन्होंने इसे बच्चों के भविष्य के साथ धोखा बताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की।

कोनिया स्कूल बंद होने का लगाया आरोप

संजय सिंह ने कहा कि वाराणसी के कोनिया क्षेत्र में स्थित सरकारी विद्यालय को अचानक बंद कर दिया गया। इस विद्यालय में आसपास की करीब तीन हजार आबादी के बच्चों की पढ़ाई होती थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल बंद होने के बाद वहां पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है, लेकिन इस तरह स्कूल बंद होने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

यू-डाइस रिकॉर्ड पर उठाए सवाल

AAP सांसद ने कहा कि स्कूल बंद होने के बावजूद यू-डाइस (Unified District Information System for Education) पोर्टल पर विद्यालय को अभी भी संचालित दिखाया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्कूल जमीन पर बंद है तो सरकारी रिकॉर्ड में इसे चालू क्यों दिखाया जा रहा है।

संजय सिंह ने कहा कि इससे शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं और बच्चों के अधिकार प्रभावित होते हैं।

पार्टी प्रवक्ता पर FIR को लेकर भी निशाना

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस मामले की सच्चाई सामने लाने वाले आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मुकेश सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे को उठाने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार को मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि आवाज उठाने वालों को डराने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।

बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता

AAP नेता ने कहा कि सरकारी स्कूल गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों की शिक्षा का प्रमुख आधार होते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में स्कूल बंद होता है तो सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ता है जो निजी स्कूलों की फीस वहन नहीं कर सकते।

उन्होंने सरकार से मांग की कि कोनिया विद्यालय की स्थिति की जांच कराई जाए और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

सरकार से मांगा जवाब

संजय सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर बंद स्कूल को रिकॉर्ड में संचालित क्यों दिखाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यू-डाइस जैसे सरकारी डेटा सिस्टम का इस्तेमाल सही जानकारी के लिए किया जाता है, इसलिए इसमें गलत जानकारी दर्ज होना गंभीर मामला है।

राजनीतिक मुद्दा बना स्कूल बंद होने का मामला

वाराणसी में सरकारी विद्यालय बंद होने का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

आम आदमी पार्टी ने इसे लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और इसे बच्चों के अधिकारों से जुड़ा मामला बताया है।

वहीं, इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जांच की मांग तेज

संजय सिंह ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्कूल बंद होने के बाद भी रिकॉर्ड में उसे संचालित क्यों दिखाया गया।

उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

कोनिया सरकारी विद्यालय को लेकर उठे सवालों के बाद अब प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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