Be careful संभल : जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की ग्राम सभा की सरकारी जमीन से जुड़े बहुचर्चित मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर राजस्व लेखपाल स्पर्श गुप्ता की ओर से कोतवाली संभल में 31 नामजद लोगों सहित कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला कथित फर्जी पट्टा, गलत नामांतरण और ग्राम सभा की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़ा बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार यह पूरा प्रकरण ग्राम तख्तगुस्साई की लगभग 2.367 हेक्टेयर भूमि से संबंधित है, जो संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित है। इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप है कि वर्ष 1967 के एक कथित फर्जी पट्टे के आधार पर वर्ष 2008 में इस भूमि का नामांतरण कराकर कब्जा कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि प्रशासनिक जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। एफआईआर में तत्कालीन उप संचालक चकबंदी खेम सिंह खड़क, तत्कालीन नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता, मानचित्रकार शाहबुद्दीन, पैरोकार माजिद खान, कथित पट्टाधारक सईदुल रहमान खां और उनके वारिसों समेत कुल 31 नामजद लोगों को आरोपी बनाया गया है।
इसके अलावा इबादुर्रहमान खां, एहसानुर्रहमान खां, शाहजहां बेगम, इफ्तआरा, तारिक अली, फारीक अली, शाकिर अली, शारिक अली, साजिद अली, शारिक शबूर, मोहम्मद मुजाहिद, रफीक, शाहजहां, अख्तरी, मोहम्मद उमर, मुनाजिर, मोहम्मद अजीम, धर्मेंद्र, मधु खुराना, विजय गुप्ता, रूपाली गुप्ता, फुरकान, इमरान, आजम खान, प्रदीप कुमार अग्रवाल, मकसूद आलम वारसी और हरजीत सिंह जैसे नाम भी एफआईआर में शामिल हैं।
इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए की गई हेराफेरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।