सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में कमोलिया गांव के बाहर स्थित बालाजी मंदिर के पुजारी जंगी बाबा का शव मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मौके पर पहुंचे साधु-संतों और बाबा के गुरु भाइयों ने उनकी मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सुबह मंदिर की ओर गए ग्रामीणों ने देखा शव
जानकारी के अनुसार, कमोलिया गांव के बाहर बालाजी मंदिर के पास जंगी बाबा की कुटिया बनी हुई थी। मंगलवार सुबह जब कुछ ग्रामीण मंदिर की ओर गए, तो उन्होंने पास के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका हुआ शव देखा।यह दृश्य देखकर ग्रामीण घबरा गए। उन्होंने तत्काल अन्य लोगों को सूचना दी और पुलिस को बुलाया। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।शव की पहचान मंदिर में रहने वाले जंगी बाबा के रूप में हुई। उनकी मौत की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बन गया।
दो साल से अधिक समय से मंदिर में रह रहे थे बाबा
ग्रामीणों के अनुसार, जंगी बाबा पिछले दो साल से अधिक समय से गांव के बाहर मंदिर बनाकर रह रहे थे और वहीं पूजा-पाठ करते थे। वह नियमित रूप से मंदिर की साफ-सफाई और धार्मिक गतिविधियों में लगे रहते थे।
रिपोर्टों में उनकी उम्र करीब 55 से 60 वर्ष बताई गई है। उनके मूल निवास को लेकर भी अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। कुछ लोगों के मुताबिक, वह जनकपुरी के रहने वाले थे।स्थानीय लोगों के अनुसार, समय के साथ उनके कई शिष्य भी बन गए थे। ऐसे में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर मिलने से उनके अनुयायियों और परिचितों में दुख और चिंता है।
साधु-संतों ने जताई हत्या की आशंका
जंगी बाबा का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद मौके पर पहुंचे उनके गुरु भाइयों और अन्य साधु-संतों ने हत्या की आशंका जताई है।उनका कहना है कि बाबा के पेड़ पर चढ़ पाने को लेकर संदेह है। ऐसे में उनका शव पेड़ से लटका मिलने की परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।हालांकि, साधु-संतों की आशंका अभी आरोप और संदेह के स्तर पर है। पुलिस ने घटना को लेकर किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि बाबा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या घटनास्थल पर कोई ऐसा साक्ष्य मौजूद है, जिससे किसी आपराधिक गतिविधि की पुष्टि हो सके।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद इमलिया सुल्तानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया।इसके बाद फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए। ऐसी घटनाओं में घटनास्थल की स्थिति, रस्सी और अन्य उपलब्ध वस्तुओं की जांच महत्वपूर्ण होती है।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी।प्रभारी निरीक्षक आशीष तिवारी के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आत्महत्या या हत्या, जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
जंगी बाबा की मौत को लेकर फिलहाल कई सवाल हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव पेड़ से लटका कैसे मिला।पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। केवल शव फंदे पर मिलने के आधार पर हत्या या आत्महत्या का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गांव में चर्चा, पुलिस जांच पर टिकी नजरें
मंदिर के पास हुई इस घटना ने कमोलिया गांव और आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। जंगी बाबा लंबे समय से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करते थे, इसलिए स्थानीय लोग उनकी मौत से स्तब्ध हैं।
साधु-संतों की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद अब मामले की जांच पर सबकी नजर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले बाबा की किसी से कोई रंजिश या विवाद तो नहीं था।