वृंदावन: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। दैनिक जागरण की एक नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपावली के बाद वीआईपी दर्शन के लिए आधार कार्ड के जरिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति की शनिवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। पंजीकरण की विस्तृत प्रक्रिया बाद में जारी की जाएगी। 
नई व्यवस्था के दायरे में सेवायतों के यजमान, शिष्य, अधिकारी, उनके परिजन और वीआईपी दर्शन की सुविधा पाने वाले अन्य पात्र लोग शामिल होंगे। पंजीकरण दर्शन से एक दिन पहले कराना होगा या उसी दिन भी हो सकेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए फिलहाल इसे अनिवार्य रूप से एक दिन पहले पंजीकरण कराने का नियम नहीं कहा जा सकता। समिति की बैठक अध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता में लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन स्थित कार्यालय में हुई। इसमें दीपावली और कार्तिक मास के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश, निकास और दर्शन व्यवस्था बेहतर बनाने पर चर्चा की गई। भीड़ के दबाव को देखते हुए वीआईपी और सेवायत गोस्वामियों के शिष्यों के अग्रिम पंजीकरण की योजना भी बैठक का हिस्सा थी। 
बैठक के बाद समिति अध्यक्ष और अन्य सदस्य मंदिर पहुंचे। वहां सेवायत गोस्वामियों से श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने की व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया गया। पंजीकरण की योजना को अंतिम रूप देते समय सेवायतों के सुझाव और मंदिर में उपलब्ध स्थान की स्थिति को भी ध्यान में रखने की बात सामने आई है। नई व्यवस्था के बारे में अभी उपलब्ध जानकारी वीआईपी दर्शन से संबंधित है। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए भी आधार आधारित पंजीकरण अनिवार्य कर दिए जाने की पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं है। इसी तरह पंजीकरण का माध्यम, उसकी समयसीमा और लागू होने की निश्चित तारीख का विस्तृत विवरण जारी होना बाकी है। श्रद्धालुओं को दीपावली के बाद जारी होने वाली प्रक्रिया से इन बातों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
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