लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सक्रिय मानसून के बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राजधानी लखनऊ और कानपुर समेत आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सोमवार दोपहर दो बजे तक इन जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात होने की आशंका है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक जिलों में ऑरेंज अलर्ट और कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को जलभराव वाले रास्तों से बचने और मौसम से संबंधित चेतावनियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
मध्य उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रेड अलर्ट वाले जिलों में लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, बाराबंकी और हरदोई शामिल हैं। इन जिलों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। भारी वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग ने प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशाम्बी, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन, आजमगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर और अयोध्या समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मध्यम से तेज बारिश और वज्रपात हो सकता है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी भी शामिल हैं। प्रशासन को बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। आगरा, मथुरा, बरेली, मुरादाबाद, झांसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, अलीगढ़ और मेरठ में गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है।
इससे पहले रविवार को राजधानी लखनऊ में सीजन की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई थी। मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। नालियों और नालों का पानी सड़कों पर आने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। कई घरों तथा दुकानों में पानी घुसने की खबरें भी सामने आईं। बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर आगे बढ़ रहा है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में मानसून मजबूत स्थिति में पहुंच गया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान लखनऊ सहित मध्य उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई है। तराई क्षेत्र के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी है।
Tags: