राम मंदिर दान चोरी केस: 40 दिन में 70 बार चोरी के संकेत, SIT रिपोर्ट में खुलासा
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि की चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में मंदिर परिसर से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था और दान राशि की निगरानी को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आने का दावा किया गया है। एसआईटी ने अपनी शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर कई बार चोरी की घटनाओं के संकेत मिलने की बात कही है।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों में मंदिर के बाथरूम में रुपये रखे जाने और फिर उन्हें हटाए जाने जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 40 दिनों की अवधि में करीब 70 बार चोरी जैसी गतिविधियों के पुख्ता संकेत मिलने की बात कही है।
हालांकि, मामले की अंतिम पुष्टि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। टीम को अपनी विस्तृत रिपोर्ट 15 जुलाई तक सौंपने का समय दिया गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में पदाधिकारियों को भी उपलब्ध कराई गई। ट्रस्ट की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की मांग की गई थी।
इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। एसआईटी को मंदिर में दान राशि से जुड़ी अनियमितताओं और चोरी के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी।
जांच टीम ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, कर्मचारियों की गतिविधियों और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की।
सीसीटीवी फुटेज से मिले अहम सुराग
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में सबसे महत्वपूर्ण आधार सीसीटीवी फुटेज को बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज की जांच के दौरान कुछ ऐसी गतिविधियां सामने आईं, जिनसे चोरी की आशंका को बल मिला।
जांच में मंदिर परिसर के कुछ हिस्सों में संदिग्ध गतिविधियों को रिकॉर्ड किए जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पहले हुई चोरी की घटनाओं से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है।
एसआईटी अब इन सभी घटनाओं की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी कितने समय से चल रही थी और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
बाथरूम में रुपये रखने की बात का उल्लेख
प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर के बाथरूम में रुपये रखे जाने का भी जिक्र किया गया है। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस गतिविधि को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ समय के अंतराल पर रुपये रखे जाने और बाद में हटाए जाने जैसी गतिविधियां दिखाई दीं। हालांकि, इस मामले में पूरी स्थिति अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि दान राशि से जुड़े मामलों में किस स्तर पर लापरवाही हुई और क्या किसी संगठित तरीके से अनियमितता की गई।
ट्रस्ट की शिकायत पर शुरू हुई जांच
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस मामले को लेकर चिंता जताई गई थी। ट्रस्ट के आवेदन के बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिए थे।
जांच टीम को निष्पक्ष तरीके से सभी पहलुओं की जांच करने और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।
एसआईटी ने मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई है। इसके अलावा उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की गई है।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, लेकिन अभी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है। अंतिम रिपोर्ट के लिए टीम को 15 जुलाई तक का समय दिया गया है।
अंतिम रिपोर्ट में चोरी की घटनाओं की पूरी जानकारी, जिम्मेदार लोगों की पहचान और आगे की कार्रवाई को लेकर सुझाव दिए जाने की संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और दान राशि का प्रबंधन बेहद संवेदनशील विषय है।
मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब व्यवस्था को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं। इसमें सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, रिकॉर्डिंग की नियमित समीक्षा और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
जांच से जुड़े लोगों पर नजर
एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब सभी की नजर अंतिम रिपोर्ट पर है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि चोरी की घटनाओं के पीछे कौन लोग जिम्मेदार थे और किस स्तर पर लापरवाही हुई।
राम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, इसलिए दान राशि और सुरक्षा से जुड़े मामलों को प्रशासन बेहद गंभीरता से ले रहा है।
फिलहाल एसआईटी अपनी जांच जारी रखे हुए है और 15 जुलाई तक आने वाली अंतिम रिपोर्ट के बाद मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।