अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में नियुक्त सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है। नियुक्ति के अगले ही दिन तीन सितंबर को अयोध्या पहुंचे जितेंद्र मिश्र ने दो दिनों तक ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर राम मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक और प्रबंधन व्यवस्थाओं की जानकारी ली। शुक्रवार शाम वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। अगले सप्ताह से वह नियमित रूप से अपना कामकाज संभालेंगे।

राम मंदिर की व्यवस्थाओं के लगातार विस्तार और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच ट्रस्ट की ओर से पहली बार सीईओ की नियुक्ति को महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना में लंबा अनुभव रखने के बाद अब राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं में अपनी नई भूमिका निभाएंगे।

अयोध्या में दो दिन के प्रवास के दौरान उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की। इसमें मंदिर प्रबंधन, कार्यालय की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समझने पर विशेष ध्यान दिया गया।

शुक्रवार को औपचारिक रूप से संभाला कार्यभार

जितेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि और कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका की मौजूदगी में सीईओ का कार्यभार संभाला।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने ट्रस्ट के कार्यालय और कर्मचारियों से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की। आने वाले दिनों में किस तरह कामकाज किया जाएगा और विभिन्न जिम्मेदारियों के बीच समन्वय कैसे स्थापित किया जाएगा, इससे जुड़े विषयों पर भी पदाधिकारियों से जानकारी ली।

जितेंद्र मिश्र ने बताया कि दो दिनों के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारियों से बैठक और मुलाकात कर मंदिर प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक जानकारियां हासिल कर ली गई हैं। शुरुआती परिचय और व्यवस्थाओं को समझने के बाद अब वह अगले सप्ताह से नियमित रूप से जिम्मेदारी संभालेंगे।

दो दिन में समझी मंदिर की व्यवस्था

तीन सितंबर को अयोध्या पहुंचने के बाद नवनियुक्त सीईओ ने अपना अधिकांश समय मंदिर और ट्रस्ट की मौजूदा व्यवस्था को समझने में लगाया। राम मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक कई स्तरों पर समन्वय की जरूरत होती है।

ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों ने उन्हें वर्तमान कार्यप्रणाली और अलग-अलग जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। कार्यालय के कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के जरिए उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रही व्यवस्थाओं को भी समझने का प्रयास किया।

सीईओ के रूप में आने वाले समय में प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने और ट्रस्ट के विभिन्न कार्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।

ट्रस्ट के पहले CEO हैं जितेंद्र मिश्र

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना के बाद पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर नियुक्ति की गई है। इसलिए जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति अपने आप में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर परिसर की गतिविधियों का दायरा तेजी से बढ़ा है। देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। मंदिर से जुड़ी दैनिक व्यवस्थाओं के अलावा विभिन्न विकास और प्रशासनिक कार्य भी लगातार चल रहे हैं।

ऐसी स्थिति में पेशेवर प्रशासनिक नेतृत्व की जरूरत को देखते हुए सीईओ की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। जितेंद्र मिश्र के सामने मौजूदा व्यवस्था को समझने के बाद उसे अधिक प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी होगी।

वायुसेना का अनुभव आएगा काम

सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सैन्य सेवा में अनुशासन, बड़े संगठनों का प्रबंधन और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है।

अब उनके इसी अनुभव का इस्तेमाल राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में होने की उम्मीद है। मंदिर जैसे बड़े धार्मिक परिसर में सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा, कर्मचारी प्रबंधन और अलग-अलग संस्थाओं के साथ समन्वय की जरूरत होती है।

उनकी नियुक्ति के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में जिम्मेदारियों को और व्यवस्थित किए जाने की संभावना है।

श्रद्धालुओं की सुविधाएं बड़ी जिम्मेदारी

राम मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है। विशेष धार्मिक अवसरों और त्योहारों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ सकती है।

ऐसे में प्रवेश और निकास व्यवस्था, कतार प्रबंधन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा और मंदिर परिसर की स्वच्छता जैसे विषय महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ट्रस्ट को स्थानीय प्रशासन और दूसरी एजेंसियों के साथ भी लगातार तालमेल बनाकर काम करना पड़ता है।

नए सीईओ की भूमिका इन व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

कार्यालय और स्टाफ पर भी हुई चर्चा

अपने पहले अयोध्या दौरे में जितेंद्र मिश्र ने कार्यालय और कर्मचारियों की व्यवस्था को भी समझा। ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में कौन-कौन से अधिकारी और कर्मचारी किस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं, इस संबंध में उन्होंने जानकारी ली।

प्रशासनिक ढांचे को समझना उनकी शुरुआती प्राथमिकताओं में शामिल रहा। इससे अगले सप्ताह नियमित काम शुरू करने के बाद उन्हें निर्णय लेने और जिम्मेदारियों के निर्धारण में आसानी होगी।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक में वर्तमान व्यवस्था के साथ भविष्य में किए जाने वाले कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई।

अगले सप्ताह से नियमित कामकाज

दो दिन अयोध्या में रहने के बाद जितेंद्र मिश्र शुक्रवार देर शाम दिल्ली रवाना हो गए। वह अगले सप्ताह दोबारा अयोध्या पहुंचकर नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।

कार्यभार ग्रहण करने की औपचारिकता पूरी हो चुकी है। अब उनकी प्राथमिकता मंदिर और ट्रस्ट की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझने के बाद आवश्यकतानुसार कार्यप्रणाली को आगे बढ़ाने की होगी।

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति से ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। मंदिर की बढ़ती गतिविधियों और श्रद्धालुओं की संख्या के बीच उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। वायुसेना में वर्षों के प्रशासनिक और नेतृत्व अनुभव के बाद अब उनके सामने राम मंदिर की विशाल व्यवस्थाओं को सुचारू और प्रभावी ढंग से संचालित करने की नई जिम्मेदारी है।

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