हापुड़ : प्राकृतिक आपदाओं, अनियमित मौसम, कीटों और फसल रोगों से किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान से राहत दिलाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ 2026 सीजन में अधिक से अधिक किसानों से अपनी फसलों का बीमा कराने की अपील की है। उप निदेशक कृषि ने बताया कि जनपद हापुड़ में खरीफ सीजन के लिए धान (पैडी) को अधिसूचित फसल घोषित किया गया है। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल खोल दिया गया है और किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
कृषि विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि, बाढ़, आंधी, चक्रवात, जलभराव, कीट एवं विभिन्न रोगों से होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी फसल का बीमा अवश्य करा लें, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।
उप निदेशक कृषि ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए गैर-ऋणी किसानों के फसल बीमा की अंतिम तिथि **14 अगस्त 2026** निर्धारित की गई है, जबकि ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि **31 अगस्त 2026** है। जिन किसानों ने अभी तक अपनी धान की फसल का बीमा नहीं कराया है, वे निर्धारित समय के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती है। यदि प्राकृतिक कारणों से फसल को नुकसान होता है तो किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार बीमा क्लेम का लाभ मिलता है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है और उन्हें अगली फसल की तैयारी में भी मदद मिलती है।
कृषि विभाग ने किसानों को यह भी जानकारी दी कि यदि बीमित फसल को किसी प्रकार की क्षति होती है तो किसान तत्काल इसकी सूचना संबंधित फसल बीमा कंपनी को दें। शिकायत दर्ज कराने के लिए फसल बीमा कंपनी का टोल-फ्री नंबर **14447** जारी किया गया है, जिस पर कॉल करके नुकसान की जानकारी दी जा सकती है।
इसके अलावा जिले में नियुक्त समन्वयकों के माध्यम से भी किसान सहायता प्राप्त कर सकते हैं। जिला समन्वयक **अमित कुमार** से मोबाइल नंबर **8090980967** पर संपर्क किया जा सकता है। तहसील हापुड़ एवं गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के लिए **धीरेन्द्र सोलंकी** (मोबाइल नंबर **9756482038**) तथा तहसील धौलाना क्षेत्र के लिए **देशराज सिंह** (मोबाइल नंबर **9873087500**) किसानों की शिकायत दर्ज कराने और योजना से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नियुक्त किए गए हैं।
कृषि अधिकारियों ने बताया कि फसल क्षति की सूचना समय पर देना बेहद आवश्यक है, क्योंकि निर्धारित अवधि के भीतर सूचना मिलने पर ही बीमा कंपनी द्वारा नियमानुसार सर्वे कराया जाता है और पात्र किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। इसलिए किसान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और नुकसान होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों या बीमा कंपनी को सूचित करें।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे योजना से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को समय रहते पूरा करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें। साथ ही उन्होंने किसानों से यह भी कहा कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही फसल बीमा कराएं और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचें।
कृषि विभाग का मानना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की आय को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं के बीच यह योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करती है और खेती को अधिक सुरक्षित एवं स्थिर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में हापुड़ जनपद के सभी पात्र किसानों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर धान की फसल का बीमा अवश्य कराएं और सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।
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