वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित मिर्जामुराद में अरविंद मिल्स की नई इकाई के उद्घाटन के बाद वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवतियों से संवाद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और भविष्य में दूसरों के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं केवल नौकरी करने तक सीमित न रहें, बल्कि नौकरी देने वाली मातृशक्ति बनें। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

24 प्रशिक्षु महिलाओं और युवतियों से किया संवाद

मिर्जामुराद में अरविंद मिल्स की इकाई के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां कार्यरत 24 प्रशिक्षु महिलाओं और युवतियों से बातचीत की।

इस दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री के सामने अपने अनुभव साझा किए।

प्रधानमंत्री ने उनके प्रशिक्षण, रोजगार और भविष्य की योजनाओं को लेकर संवाद किया।

महिलाओं ने भी बिना किसी झिझक के प्रधानमंत्री से बातचीत की और अपने विचार रखे।

प्रधानमंत्री ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपने कौशल का उपयोग करके आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के लिए प्रेरित किया।

नौकरी देने वाली मातृशक्ति बनने का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनका लक्ष्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए।

उन्होंने महिलाओं को भविष्य में उद्यमी बनने और अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाएं नौकरी देने वाली मातृशक्ति बनें।

उन्होंने इस विचार को आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना से जोड़ते हुए कहा कि देश के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उनका संदेश था कि कौशल प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ नेतृत्व के नए अवसर भी दे सकता है।

विकसित भारत 2047 में महिलाओं की अहम भूमिका

प्रधानमंत्री ने संवाद के दौरान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलने से उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ सकती है।

इसके साथ ही महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से नए रोजगार भी पैदा हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु महिलाओं को भविष्य में अपनी पहचान बनाने और दूसरों को भी आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

गोरखपुर की खुशबू पाल ने साझा किया अनुभव

संवाद के दौरान गोरखपुर की रहने वाली खुशबू पाल ने भी प्रधानमंत्री के सामने अपने अनुभव साझा किए।

खुशबू ने बताया कि वह पिछले एक महीने से यहां रह रही हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर अपना अनुभव प्रस्तुत किया।

प्रधानमंत्री के सामने अपने विचार रखते हुए उन्होंने प्रदेश में महिलाओं के लिए उपलब्ध वातावरण के संबंध में बात की।

हालांकि उनके संवाद का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन कार्यक्रम में उनकी भागीदारी विशेष रूप से चर्चा में रही।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।

दोनों नेताओं की मौजूदगी में अरविंद मिल्स की इकाई का उद्घाटन किया गया।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु महिलाओं से संवाद किया।

कार्यक्रम में महिला कौशल विकास, रोजगार और औद्योगिक अवसरों से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

प्रधानमंत्री ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

अरविंद मिल्स की नई इकाई से रोजगार की उम्मीद

मिर्जामुराद में स्थापित अरविंद मिल्स की इकाई से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वस्त्र उद्योग रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है।

इस उद्योग में उत्पादन, सिलाई, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग और अन्य गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।

ऐसे में नई औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

हालांकि इस इकाई में वर्तमान में कुल कितने कर्मचारी कार्यरत हैं और भविष्य में कितनी नियुक्तियां होंगी, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं

प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु महिलाओं के साथ संवाद के दौरान कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया।

किसी भी उद्योग में रोजगार प्राप्त करने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव महत्वपूर्ण होता है।

वस्त्र उद्योग में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं उत्पादन से जुड़े विभिन्न कार्यों में दक्षता हासिल कर सकती हैं।

इसके अतिरिक्त अनुभव प्राप्त करने के बाद वे स्वरोजगार या छोटे उद्यम की दिशा में भी आगे बढ़ सकती हैं।

हालांकि इसके लिए पूंजी, बाजार तक पहुंच और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं।

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर जोर

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना देश के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

जब महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलते हैं, तो उनकी आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ सकती है।

इसका सकारात्मक प्रभाव परिवारों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री ने इसी सोच के साथ प्रशिक्षु महिलाओं को भविष्य में रोजगार देने वाली बनने का संदेश दिया।

उनका जोर इस बात पर रहा कि महिलाएं अपनी क्षमताओं को पहचानें और प्रशिक्षण का उपयोग आगे बढ़ने के लिए करें।

औद्योगिक विकास में वाराणसी की बढ़ती भूमिका

वाराणसी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ व्यापार तथा पारंपरिक वस्त्र उद्योग के लिए भी प्रसिद्ध है।

यहां हथकरघा और वस्त्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की लंबी परंपरा रही है।

नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से आधुनिक उत्पादन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

मिर्जामुराद में अरविंद मिल्स की इकाई का उद्घाटन इसी औद्योगिक विस्तार की दिशा में एक कदम माना जा सकता है।

इससे क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

बेटियों ने खुलकर रखे अपने विचार

प्रधानमंत्री के साथ संवाद के दौरान प्रशिक्षु महिलाओं और युवतियों ने आत्मविश्वास के साथ बातचीत की।

उन्होंने अपने अनुभव और भविष्य से जुड़ी बातों को सामने रखा।

प्रधानमंत्री ने भी महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का प्रमुख संदेश यह रहा कि महिलाएं केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने कौशल और अनुभव के माध्यम से भविष्य में दूसरों के लिए भी अवसर तैयार करें।

आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से जुड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के कौशल विकास को आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही साकार हो सकेगा।

महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाना इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

मिर्जामुराद में अरविंद मिल्स की इकाई के उद्घाटन के बाद 24 प्रशिक्षु महिलाओं से प्रधानमंत्री का संवाद महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित रहा। उन्होंने बेटियों को संदेश दिया कि वे प्रशिक्षण प्राप्त करके आगे बढ़ें और भविष्य में दूसरों को भी रोजगार देने वाली बनें।

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