निगम की जमीन पर कब्जे की साजिश, महापौर ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

Update: 2026-07-20 15:01 GMT

Ghaziabad गाजियाबाद :   नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास का मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। अर्थला गांव में नगर निगम की करीब 40 करोड़ रुपये कीमत की जमीन पर कथित रूप से अवैध रास्ता बनाने और व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने की शिकायत मिलने के बाद महापौर सुनीता दयाल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को मामले में तत्काल कार्रवाई करने, एफआईआर दर्ज कराने और अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, अर्थला गांव में नगर निगम के खसरा संख्या 1085 की करीब 1010 वर्गमीटर भूमि स्थित है। इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत करीब 40 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। नगर निगम ने इस महत्वपूर्ण भूमि की सुरक्षा के लिए चारदीवारी कराई हुई थी, ताकि कोई भी व्यक्ति इस पर अवैध कब्जा न कर सके।

आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों ने नगर निगम की चारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर वहां से अवैध रास्ता बना लिया। इसके बाद इस जमीन का इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाने लगा। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और महापौर को इसकी जानकारी दी गई।

महापौर सुनीता दयाल ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि नगर निगम की भूमि पर अवैध गतिविधियों की शिकायत सही प्रतीत हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

महापौर ने कहा कि नगर निगम की जमीन जनता की संपत्ति है और इसकी सुरक्षा करना निगम की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और जमीन को तुरंत कब्जामुक्त कराया जाए।

उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास न कर सके। साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी है कि जमीन पर कब्जे की शुरुआत कब और कैसे हुई।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में निगम की कई बेशकीमती जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिलती है, वहां जांच कर कार्रवाई की जाती है। अर्थला मामले में भी जल्द ही अवैध निर्माण और कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से इस जमीन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब महापौर के निरीक्षण के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि निगम की भूमि को दोबारा सुरक्षित किया जाएगा।

नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि शहर में नगर निगम की जमीनों की पहचान कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों को रोका जा सके।

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