राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू की गई है। अब छात्र केवल डिप्लोमा की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें पढ़ाई के साथ उद्योगों का व्यावहारिक अनुभव और रोजगार के बेहतर अवसर भी मिलेंगे। इसके लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग और अडाणी स्किल्स एंड एजुकेशन के बीच महत्वपूर्ण समझौता (MOU) किया गया है।
इस समझौते का उद्देश्य प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों को 'इंडस्ट्री रेडी टैलेंट हब' के रूप में विकसित करना है। इसके तहत छात्रों को आधुनिक तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार हो सकें। इस पहल से पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने की चुनौती कम होगी और छात्रों को सीधे रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मंगलवार को प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत उद्योगों की मांग और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों को विभाग की मंजूरी के बाद अकादमिक क्रेडिट से जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
समझौते के अनुसार प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्राविधिक शिक्षा विभाग और अडाणी स्किल्स की संयुक्त ब्रांडिंग वाला प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। यह प्रमाणपत्र छात्रों के रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में मदद करेगा और उद्योगों में उनकी पहचान को मजबूत करेगा।
इस योजना के तहत पॉलिटेक्निक संस्थानों में आधुनिक लैब और जरूरी उपकरण विकसित किए जाएंगे। छात्रों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा ट्रेन-द-ट्रेनर कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जिसमें संस्थानों के प्राचार्यों और शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नई पहल में स्किल-टू-एम्प्लॉयमेंट मॉडल को अपनाया जाएगा। इसके माध्यम से छात्रों को रोजगार के अवसरों की जानकारी समय पर मिल सकेगी। विद्यार्थियों को मेंटरिंग, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और वर्क-स्टडी-डिप्लोमा जैसे कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव और पारिश्रमिक भी मिलेगा।
इसके अलावा छात्रों के करियर विकास के लिए कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें करियर गाइडेंस, रिज्यूमे तैयार करने की ट्रेनिंग, इंटरव्यू की तैयारी, जॉब टॉक और रोजगार मेलों का आयोजन शामिल है। इससे छात्रों को नौकरी पाने के लिए जरूरी कौशल और आत्मविश्वास मिलेगा।
अडाणी समूह ऊर्जा, निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा एवं एयरोस्पेस, एयरपोर्ट, सड़क, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्क, डाटा सेंटर और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में अपनी जरूरतों के अनुसार स्किल हीट मैप तैयार करेगा। इसके आधार पर छात्रों को संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्राविधिक शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उद्योगों की जरूरत और शिक्षा व्यवस्था के बीच की दूरी को कम करने के लिए यह मॉडल काफी प्रभावी साबित हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से स्थानीय युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए दूसरे शहरों में जाने की मजबूरी कम होगी। पॉलिटेक्निक शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह समझौता प्रदेश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।