गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का इस्तेमाल विदेशी ताकतों से जुड़ी एक कथित टूलकिट के माध्यम से भारत में अस्थिरता पैदा करने के लिए किया जा रहा है। नितिन नवीन ने विपक्षी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करने और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया। उनके इन बयानों के बीच बुधवार, 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में बीजेपी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार को दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे पर गोरखपुर पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत पदयात्रा और जनसभा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान के जरिए बीजेपी कांग्रेस और विपक्षी इंडिया गठबंधन द्वारा उठाए जा रहे कथित वोट चोरी तथा मतदाता सूची में अनियमितताओं के मुद्दों का राजनीतिक जवाब दे रही है।
राहुल गांधी पर विदेशी टूलकिट का आरोप
नितिन नवीन ने हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों में राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया है।दो नवंबर को बिहार के भागलपुर में उन्होंने विपक्षी दलों की दिल्ली रैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि राहुल गांधी का इस्तेमाल विदेशी समर्थन वाली कथित टूलकिट के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए किया जा रहा है।बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव हारने पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को दोषी ठहराते हैं, जबकि चुनाव जीतने पर उसी व्यवस्था को स्वीकार कर लेते हैं।हालांकि, राहुल गांधी के किसी विदेशी टूलकिट के माध्यम से संचालित होने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह बीजेपी अध्यक्ष का राजनीतिक दावा है।
गोरखपुर में BJP का बड़ा शक्ति प्रदर्शन
बीजेपी ने गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के अंतर्गत व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया।इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।कार्यक्रम के तहत महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में जनसभा तथा पदयात्रा की योजना बनाई गई थी।बीजेपी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठित करने के साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब देना और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति भरोसे का संदेश देना है।पार्टी ने इस अभियान को विभिन्न राज्यों में चलाया है। गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम भी इसी व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।नितिन नवीन के दो दिवसीय दौरे में संगठनात्मक बैठकें और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम भी शामिल हैं।
चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष को घेरा
बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर चुनाव परिणामों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।उनका कहना है कि जब विपक्षी दलों को चुनाव में सफलता मिलती है, तब वे चुनाव आयोग और मतदान व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाते, लेकिन हार मिलने पर चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर आरोप लगाने लगते हैं।बीजेपी नेताओं का तर्क है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने से पहले ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए जाने चाहिए।दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्षी दलों का कहना है कि चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका को लेकर विरोध कर रहा है।
दिल्ली की रैली के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
एक नवंबर को विपक्षी गठबंधन इंडिया ने दिल्ली में कथित वोट चोरी के खिलाफ बड़ी रैली आयोजित की थी।इस दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।विपक्ष ने मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा करने की मांग की।रैली के बाद बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए अपने लोकतंत्र बचाओ अभियान को और सक्रिय किया।नितिन नवीन ने भी विपक्षी नेताओं की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर देश में अविश्वास और अस्थिरता का वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है।हालांकि, विपक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
कोलकाता में भी राहुल गांधी पर साधा था निशाना
गोरखपुर दौरे से पहले नितिन नवीन ने कोलकाता में आयोजित बीजेपी की पदयात्रा के दौरान भी राहुल गांधी पर तीखा हमला किया था।दो नवंबर को कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी उन विदेशी ताकतों के हितों के अनुरूप काम कर रहे हैं, जो भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं।उन्होंने पड़ोसी देशों में हुए राजनीतिक आंदोलनों का उल्लेख करते हुए विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए थे।बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर चुनावी व्यवस्था के खिलाफ नकारात्मक माहौल तैयार करने का आरोप भी लगाया था।इन बयानों के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव पर भी नजर
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन का गोरखपुर दौरा उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा हैराज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दे रही है।नितिन नवीन अपने दौरे के दौरान वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों तथा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठकें करने वाले हैं।इन बैठकों में पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी चुनावी रणनीति जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहुल गांधी ने भी दी खुली बहस की चुनौती
विदेशी ताकतों से संबंधों को लेकर बीजेपी के आरोपों के बीच राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार को चुनौती दी है।तीन नवंबर को राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विदेशी संबंधों, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते और अन्य मुद्दों पर खुली बहस करने की मांग दोहराई।उन्होंने कहा कि विपक्ष पर विदेशी ताकतों से संबंध रखने के आरोपों को लेकर भी सार्वजनिक मंच पर चर्चा होनी चाहिए।राहुल गांधी ने मीडिया और युवाओं की मौजूदगी में खुली बहस करने की चुनौती दी।इससे स्पष्ट है कि दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप फिलहाल थमने के संकेत नहीं हैं।
लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता पर सियासी जंग
देश में एसआईआर, ईवीएम और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है।बीजेपी इन मुद्दों पर विपक्ष की आलोचना कर रही है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी पारदर्शिता तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं।गोरखपुर में नितिन नवीन का कार्यक्रम इसी राजनीतिक संघर्ष की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।अब यह देखना होगा कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही बयानबाजी आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ती है और चुनावी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या राजनीतिक तथा संस्थागत प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
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