उमेश पाल हत्याकांड में अरमान पर शिकंजा, आज अदालत में होगा पेश
तीन साल बाद प्रयागराज पहुंचा शूटर अरमान
प्रयागराज: बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी और पांच लाख रुपये के इनामी अरमान बिहारी को आखिरकार बिहार के गया से प्रयागराज लाया गया है। पुलिस रविवार देर रात उसे कड़ी सुरक्षा के बीच प्रिजन वैन से प्रयागराज लेकर पहुंची। फिलहाल उसे पुलिस लाइन में रखा गया है। सोमवार को अरमान को जिला न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां उमेश पाल हत्याकांड में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अरमान बिहारी बिहार के गया का रहने वाला है। उमेश पाल और उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में हत्या के बाद उसका नाम आरोपियों में सामने आया था। पुलिस के मुताबिक घटना के सीसीटीवी फुटेज में अरमान बाइक चलाते हुए नजर आया था और उसके पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। पुलिस का आरोप है कि हमले के दौरान गुड्डू मुस्लिम ने बम फेंके थे, जबकि अरमान ने गोली चलाई थी। वारदात के बाद दोनों बाइक से फरार हो गए थे। इसके बाद से प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी। अरमान पर पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
जांच के दौरान हाल ही में पुलिस को पता चला कि अरमान बिहार की गया सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने गया की अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन किया। अदालत से अनुमति मिलने के बाद प्रयागराज पुलिस की टीम गया पहुंची और जेल प्रशासन की कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। रविवार शाम पुलिस ने अरमान को अपनी कस्टडी में लिया और उसे प्रयागराज के लिए रवाना किया।
इस दौरान बिहार पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रही। लंबा सफर तय करने के बाद पुलिस टीम रविवार देर रात अरमान को लेकर प्रयागराज पहुंची। उसे सीधे पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अरमान को सोमवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा। उमेश पाल हत्याकांड में उसकी न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद उसे नैनी जेल भेजे जाने की संभावना जताई गई है। सुरक्षा को देखते हुए जेल प्रशासन भी सतर्क है।
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर पर दिनदहाड़े हमला हुआ था। हमलावरों ने गोली और बम से हमला किया था। इस घटना में उमेश पाल और दोनों सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। उमेश पाल वर्ष 2005 में हुई बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में प्रमुख गवाह थे। उमेश पाल की हत्या के बाद उनकी पत्नी जया पाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था।
इस हत्याकांड से जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ बाद में अलग-अलग कार्रवाई हुई। वहीं गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है। अरमान के बारे में जांच में सामने आया कि उमेश पाल हत्याकांड के कुछ समय बाद वह बिहार चला गया था। गया में एक अन्य आपराधिक मामले में उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया था और 27 फरवरी 2023 से गया जेल में बंद था।
प्रयागराज पुलिस को सितंबर के आखिर में उसके गया जेल में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने जेल रिकॉर्ड के आधार पर उसकी पहचान की और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की। अब अरमान को प्रयागराज लाए जाने के बाद उमेश पाल हत्याकांड की जांच और अदालती कार्रवाई में एक और महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। पुलिस की नजर अब उसकी अदालत में पेशी और आगे मिलने वाली न्यायिक अनुमति पर रहेगी।