Muzaffarnagar: ठगी गिरोह पकड़ा गया, तीन साइबर अपराधी हिरासत में

"तीन साइबर ठग गिरफ्तार"

Update: 2025-06-21 07:07 GMT

मुजफ्फरनगर: जिले की मंसूरपुर थाना पुलिस को साइबर क्राइम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पेटीएम कंपनी के नाम पर दुकानदारों से केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी अब तक कई जिलों में ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने नावला फ्लाईओवर के पास घेराबंदी कर एक हुंडई आई-10 कार (DL 08 AF 3341) में सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकदी और फर्जी दस्तावेज ₹1,35,000 नकद,08 मोबाइल फोन,30 फर्जी आधार और पैन कार्ड,10 पेटीएम सिम बॉक्स,45 फर्जी पेटीएम QR कोड,एक हुंडई आई-10 कार बरामद हुए।

गिरफ्तार आरोपी आलोक पुत्र महेश कुमार – सैनी मोहल्ला, नागलोई, दिल्ली,मोनू पुत्र राकेश कुमार – लक्ष्मी पार्क, नागलोई, दिल्ली,अमन वर्मा पुत्र मनोज वर्मा – निहाल विहार, नागलोई, दिल्ली के रहने वाले है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले पेटीएम कंपनी में कार्यरत थे, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद इन्होंने ठगी का नेटवर्क शुरू किया। वे दुकानदारों को यह झांसा देते थे कि मासिक शुल्क ₹125 से घटाकर ₹1 कर दिया गया है, लेकिन इसके लिए केवाईसी अपडेट करवाना होगा। इस बहाने वे दुकानदारों के पेटीएम से जुड़े सिम और मोबाइल की जानकारी लेकर उनके खाते को एक विशेष ऐप की मदद से नियंत्रित कर लेते थे।

बाद में ये लोग पेट्रोल पंप या जन सेवा केंद्र पर जाकर दुकानदारों के खातों से पैसे ट्रांसफर कर नकद राशि निकालते थे। 24 मई 2025 को मंसूरपुर कस्बे में एक जन सेवा केंद्र संचालक से ₹84,000 की ठगी के मामले (मु.अ.सं. 183/25) में यह कार्रवाई की गई है।

इस ऑपरेशन को थाना प्रभारी सुभाष अत्री के नेतृत्व में उपनिरीक्षक जबर सिंह, गौरव आनंद, सुनील कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने अंजाम दिया।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य जिलों में की गई वारदातों की जांच में जुटी है। गिरोह के नेटवर्क को खंगालने के लिए जांच जारी है।

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