गर्भवती भाभी की हत्या के लिए नर्स ननद ने दी 3 लाख की सुपारी, पति समेत 4 गिरफ्तार
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गर्भवती महिला गुड़िया देवी की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर स्थित सरकारी आवास में 24 अक्टूबर की रात महिला की हत्या हुई थी। पुलिस जांच के अनुसार, इस वारदात की साजिश में मृतका की ननद पूर्णिमा विश्वकर्मा की प्रमुख भूमिका सामने आई है, जो रुद्रपुर सीएचसी में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि पूर्णिमा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर तीन लाख रुपये की सुपारी देकर अपनी भाभी की हत्या कराई। मामले में मृतका के पति चमनलाल समेत कई लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने सुपारी लेकर हत्या करने के एक आरोपी को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार करने का भी दावा किया है।
सरकारी आवास में मिला था गर्भवती महिला का शव
जानकारी के अनुसार, गुड़िया देवी अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर स्थित सरकारी आवास में रह रही थीं।यह आवास उनकी ननद पूर्णिमा विश्वकर्मा को आवंटित था, जो स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं।24 अक्टूबर की देर रात गुड़िया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।जांच के दौरान महिला के गले पर कसाव और सिर पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई।इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।प्रारंभिक परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मामले को संदिग्ध मौत के बजाय हत्या की आशंका से जांचना शुरू किया।
पांच महीने की गर्भवती थी गुड़िया
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, गुड़िया देवी लगभग पांच महीने की गर्भवती थीं।उनकी शादी करीब पांच वर्ष पहले चमनलाल विश्वकर्मा से हुई थी। दंपती की तीन साल की एक बेटी भी है।गुड़िया के मायके पक्ष के अनुसार, विवाह के बाद से ही परिवार में दहेज को लेकर विवाद होते रहते थे।परिजनों का आरोप है कि उन्हें ससुराल में प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था।मृतका की मां ने बताया कि बेटी ने कई बार परिवार के लोगों से अपनी परेशानी साझा की थी।गुड़िया की मौत से उनकी छोटी बेटी ने अपनी मां को खो दिया। गर्भस्थ शिशु की भी जान नहीं बच सकी।
मां ने लगाया दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप
गुड़िया की मां लालती देवी ने पुलिस को दी शिकायत में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।उनका कहना था कि शादी में कम दहेज मिलने के कारण उनकी बेटी को परेशान किया जाता था।परिवार के लोगों के बीच इस विषय को लेकर पहले भी विवाद होने की बात सामने आई है।मृतका की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति चमनलाल, ननद पूर्णिमा, सास उर्मिला देवी और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।कुछ शुरुआती समाचार रिपोर्टों में मृतका की मां का नाम लीलावती बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों तथा पुलिस शिकायत के विवरण में लालती देवी दर्ज है।पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।
तीन लाख रुपये में हत्या कराने की साजिश का दावा
पुलिस जांच में सामने आए कथित घटनाक्रम ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।पुलिस के मुताबिक, स्टाफ नर्स पूर्णिमा ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर गुड़िया की हत्या कराने की योजना बनाई थी।इस काम के लिए कथित तौर पर तीन लाख रुपये की सुपारी तय की गई।रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों को ढाई लाख रुपये पहले दिए गए थे, जबकि शेष 50 हजार रुपये हत्या के बाद देने की बात तय हुई थी।पुलिस का आरोप है कि इस साजिश में एक परिचित के माध्यम से सुपारी लेकर हत्या करने वाले लोगों को शामिल किया गया।पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने संबंधित लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई।हालांकि, किसी आरोपी के कथित कबूलनामे और पुलिस के दावों को अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर परखा जाना बाकी है।
हत्या को लूट का रूप देने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद घटनास्थल की स्थिति बदलकर मामले को लूट जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी।बताया गया है कि कमरे में सामान बिखेरा गया, ताकि ऐसा लगे कि किसी बाहरी व्यक्ति ने लूटपाट के दौरान महिला पर हमला किया है।इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को कई परिस्थितियां संदिग्ध लगीं।परिवार के सदस्यों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या की कथित साजिश की दिशा में जांच आगे बढ़ाई।पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात से पहले और बाद में किस आरोपी ने क्या भूमिका निभाई थी।
पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी घायल
मंगलवार, 27 अक्टूबर को गुड़िया हत्याकांड से जुड़े एक आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस मुठभेड़ होने की जानकारी भी सामने आई।पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में वांछित रामाशीष यादव को पकड़ने के लिए कार्रवाई की गई थी।इस दौरान हुई कथित मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी।घायल आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही थी।हालांकि, मुठभेड़ की विस्तृत परिस्थितियों और सभी आरोपियों की वर्तमान कानूनी स्थिति की पुष्टि पुलिस के अंतिम आधिकारिक विवरण से की जानी चाहिए।
हत्या के पीछे दहेज के अलावा दूसरे पहलुओं की भी जांच
गुड़िया की हत्या के पीछे दहेज और पारिवारिक विवाद को प्रमुख कारण बताया गया है।हालांकि, कुछ रिपोर्टों में व्यक्तिगत संबंधों और अन्य पारिवारिक परिस्थितियों को भी संभावित कारण बताया गया है।पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।जांच के दौरान आरोपियों के बीच संपर्क, कथित धनराशि के लेनदेन और हत्या की योजना से संबंधित साक्ष्यों का महत्व होगा।साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि घटना के समय कौन-कौन व्यक्ति सरकारी आवास में मौजूद था।पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में साक्ष्यों की सुनवाई के बाद ही होगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई महत्वपूर्ण जानकारी
गुड़िया की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, महिला के गले पर दबाव और सिर पर चोट से संबंधित जानकारी सामने आई है।पोस्टमार्टम में गुड़िया के गर्भवती होने की भी पुष्टि हुई।इस जानकारी के बाद मामला और संवेदनशील हो गया।परिजनों के लिए गुड़िया के साथ गर्भस्थ शिशु की मौत भी गहरे दुख का कारण बनी।घटना के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस अधीक्षक ने दी जांच की जानकारी
देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी है।पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ससुराल पक्ष के सदस्यों की भूमिका की पड़ताल की गई।इसके बाद हत्या की कथित साजिश और सुपारी से जुड़े आरोप सामने आए।पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे।
दहेज उत्पीड़न के आरोपों ने बढ़ाई गंभीरता
इस हत्याकांड में दहेज प्रताड़ना के आरोप भी सामने आए हैं।भारत में दहेज मांगना और दहेज के लिए किसी महिला को प्रताड़ित करना कानून के तहत दंडनीय है।दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के अलावा भारतीय न्याय संहिता में भी दहेज मृत्यु और विवाहित महिला के प्रति क्रूरता से संबंधित प्रावधान मौजूद हैं।ऐसे मामलों में शिकायत, चिकित्सकीय साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर जांच की जाती है।हालांकि, दहेज उत्पीड़न का आरोप लगने और अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बीच कानूनी प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।
मासूम बेटी के भविष्य को लेकर चिंता
गुड़िया देवी की मौत का सबसे दुखद पहलू उनकी तीन वर्षीय बेटी का मां से बिछड़ जाना है।कम उम्र में मां को खो देने से बच्चे के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।ऐसी परिस्थितियों में परिवार और संबंधित अधिकारियों के लिए बच्चे की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होता है।यदि उसके अभिभावकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई चल रही है, तो बच्ची की उचित देखभाल की व्यवस्था भी आवश्यक हो सकती है।हालांकि, इस मामले में बच्ची वर्तमान में किसकी देखरेख में है, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
देवरिया के रुद्रपुर सीएचसी परिसर में हुई गुड़िया देवी की हत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।एक गर्भवती महिला की मौत, परिवार के सदस्यों पर हत्या की साजिश के आरोप और कथित सुपारी देकर वारदात कराने की जानकारी ने मामले को संवेदनशील बना दिया है।