कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र के ककरघटा गांव में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। करीब रात नौ बजे के बाद परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे, तभी अचानक कच्चा मकान भरभराकर गिर पड़ा। मकान के मलबे में दबने से परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को मलबे से बाहर निकाला।

हादसे में परिवार के मुखिया 32 वर्षीय बृजेश, उनकी 30 वर्षीय पत्नी गुड्डी देवी, 10 वर्षीय बड़ा पुत्र अभय सिंह, छह वर्षीय बेटी अश्वनी और तीन वर्षीय सबसे छोटा पुत्र शिवा घायल हुए हैं। हादसे में अश्वनी और शिवा की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

खाना खाते समय अचानक गिरा मकान

बताया गया कि शुक्रवार रात परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। रात करीब नौ बजे के बाद वे एक साथ खाना खा रहे थे। इसी दौरान अचानक कच्चे मकान का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। देखते ही देखते परिवार के सदस्य मलबे की चपेट में आ गए।

मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों को मलबे में दबा देखकर ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर एक-एक कर सभी घायलों को बाहर निकाला।

ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। परिवार के पांचों सदस्यों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद छह वर्षीय अश्वनी और तीन वर्षीय शिवा की स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।

जिला अस्पताल में दोनों बच्चों को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। उनकी हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। वहीं परिवार के अन्य घायल सदस्यों का भी इलाज कराया जा रहा है।

हादसे से गांव में मचा हड़कंप

कच्चा मकान अचानक गिरने की घटना से ककरघटा गांव में हड़कंप मच गया। रात के समय हादसा होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। परिवार के सदस्यों को मलबे से निकालने के लिए लोगों ने मिलकर प्रयास किया।

ग्रामीणों के अनुसार, हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर थे। अगर समय रहते ग्रामीण मौके पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। राहत कार्य के दौरान ग्रामीणों ने बच्चों और अन्य घायलों को प्राथमिकता से बाहर निकाला।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के घायल होने से परिजनों में चिंता का माहौल है। खासकर दोनों छोटे बच्चों की हालत नाजुक होने से परिवार के लोग परेशान हैं। जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों के जल्द स्वस्थ होने के लिए परिजन चिकित्सकों से लगातार जानकारी लेते रहे।

तीन वर्षीय शिवा और छह वर्षीय अश्वनी के घायल होने से गांव के लोगों में भी चिंता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद करने की मांग की है।

कच्चे मकानों की सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश और नमी के मौसम में कच्चे मकानों की दीवारें और छत कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पुराने और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा चिंता का विषय बन जाती है।

ककरघटा में हुए हादसे के बाद ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को गांव में कमजोर और जर्जर मकानों का सर्वे कराना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाने की मांग की गई है।

प्रशासन से मदद की उम्मीद

हादसे के बाद पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने मांग की है कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बच्चों के उपचार का उचित इंतजाम सुनिश्चित किया जाए।

फिलहाल हादसे में घायल परिवार के सभी सदस्यों का उपचार जारी है। सबसे ज्यादा चिंता अश्वनी और शिवा की हालत को लेकर बनी हुई है। जिला अस्पताल में दोनों बच्चों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

ककरघटा गांव में शुक्रवार रात खाना खाते समय कच्चा मकान गिरने की घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। एक ही परिवार के पांच लोगों के घायल होने से जहां परिजन सदमे में हैं, वहीं दो छोटे बच्चों की गंभीर हालत ने चिंता बढ़ा दी है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य कर सभी को मलबे से बाहर निकाला, जिससे घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।

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