महोबा। उत्तर प्रदेश रोडवेज बसों की फिटनेस और रखरखाव व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार सुबह दिल्ली से महोबा जा रही महोबा डिपो की एक रोडवेज बस का अगला टायर चलते समय निकल गया। घटना राठ-उरई मार्ग पर बेतवा नदी के चिकासी-मुहाना पुल पर हुई।

टायर निकलते ही बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। अचानक हुए झटके से बस अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से जा लगी। हालांकि, चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। अगर चालक समय रहते बस को नियंत्रित नहीं कर पाता तो बस पुल की रेलिंग तोड़कर सीधे बेतवा नदी में गिर सकती थी, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती थी।

पुल पर पहुंचते ही निकला बस का टायर

जानकारी के अनुसार, महोबा डिपो की यह बस गुरुवार को दिल्ली से महोबा के लिए रवाना हुई थी।

शुक्रवार सुबह करीब चार बजे जब बस चिकासी थाना क्षेत्र के मुहाना पुल पर पहुंची, तभी अचानक बस का अगला टायर निकल गया।

पुल पर चढ़ते समय टायर निकलने से बस को जोरदार झटका लगा। अचानक हुई इस घटना से बस में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

यात्रियों में मची चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही बस का टायर निकला, यात्रियों को लगा कि कोई बड़ी दुर्घटना होने वाली है।

बस में मौजूद दस से अधिक यात्रियों में डर फैल गया और चीख-पुकार शुरू हो गई।

कुछ यात्रियों ने बताया कि कुछ पल के लिए सभी की सांसें थम गई थीं। बस तेजी से एक ओर झुकी और पुल की रेलिंग से जा टकराई।

चालक की सूझबूझ से बची जान

हादसे के समय चालक ने तुरंत नियंत्रण संभाल लिया।

उसने किसी तरह बस को रोक लिया, जिससे वाहन पुल से नीचे गिरने से बच गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बस पुल की रेलिंग तोड़ देती तो नीचे बह रही बेतवा नदी में गिर सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।

12 दिन पहले भी हुई थी ऐसी घटना

यह पहली बार नहीं है जब इस पुल पर रोडवेज बस के टायर निकलने की घटना सामने आई है।

करीब 12 दिन पहले भी इसी चिकासी-मुहाना पुल पर राठ डिपो की एक बस के चलते समय पिछले दोनों टायर खुल गए थे।

उस समय भी चालक की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया था।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से रोडवेज बसों के रखरखाव और फिटनेस जांच पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

यात्रियों ने उठाए सवाल

घटना के बाद यात्रियों ने बसों की नियमित जांच को लेकर सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि लंबी दूरी की बसों को सड़क पर उतारने से पहले उनकी पूरी तरह जांच होनी चाहिए।

खराब हालत वाली बसों में सफर करना यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकता है।

रोडवेज की लापरवाही पर सवाल

रोडवेज बसों में टायर जैसी महत्वपूर्ण चीज का चलते समय निकल जाना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।

टायर की स्थिति, नट-बोल्ट की मजबूती और वाहन की तकनीकी जांच समय-समय पर होना जरूरी है।

इस घटना ने एक बार फिर परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलने के बाद रोडवेज अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई है।

अधिकारियों की ओर से बस की स्थिति और तकनीकी खराबी की जांच कराई जा सकती है।

जांच में यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है।

यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

रोडवेज बसें आम लोगों के लिए परिवहन का प्रमुख साधन हैं। रोजाना हजारों यात्री इन बसों से सफर करते हैं।

ऐसे में बसों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

बेतवा पुल पर टला यह हादसा एक चेतावनी है कि समय रहते बसों की जांच और रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।

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