Moradabad नगर निगम टाइटस कैंपस के कब्जेदारों से किराया भी वसूलेगा

पहले कैंपस को खाली कराया जाएगा

Update: 2024-07-31 03:34 GMT

मुरादाबाद: नजूल की जमीन की लीज समाप्त होने के बाद टाइटस स्कूल कैंपस में रहने वाले लोगों से नगर निगम 17 सालों का किराया भी वसूल करेगा. 2007 में ही लीज समाप्त हो गई थी. दो माह के भीतर अपने-अपने घरों को खाली करने का नोटिस दिया गया है. नगरायुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि पहले कैंपस को खाली कराया जाएगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस लाइन के सामने स्थित 6.29 एकड़ नजूल की जमीन का पट्टा 1940 में एमई मिशन के नाम से किया गया था. इस जमीन पर टाइटस स्कूल स्थापित है. कैंपस में बने आवासों में कई परिवार रहते हैं. लीज 2007 में समाप्त हो गई थी. नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने निगम की जमीन का रिकार्ड खंगाला तो 520 करोड़ रुपये कीमत की जमीन के बारे में जानकारी हुई.

नगर आयुक्त के पत्र के आधार पर प्रशासन द्वारा पट्टा निरस्त करते हुए टाइटस स्कूल कैंपस में रहने वाले लोगों को दो माह के भीतर मकानों को खाली करने का नोटिस जारी किया था. निगम टीम ने को उक्त जमीन पर कब्जा ले लिया.

अपर नगरायुक्त के नेतृत्व में पहुंची टीम

अपर नगरायुक्त अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में दोपहर नगर निगम की टीम टाइटस स्कूल कैंपस पहुंची. टाइटस स्कूल की दीवार पर पोस्टर चिपकाया. पोस्टर में संपत्ति नगर निगम मुरादाबाद, आज्ञा से दिव्यांशु पटेल लिखा हुआ था. करीब आधा घंटे तक टीम वहां रही. टाइटस स्कूल कैंपस को सील करने की कार्रवाई की सुबह की जाएगी.

वाल्मीकि नेता के नाम भी जारी किया गया है फर्जी पट्टा

नगर निगम से सेवानिवृत एक वाल्मीकि नेता के नाम से फर्जी तरीके से टाइटस स्कूल कैंपस स्थित जमीन का पट्टा कर दिया गया. तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष के द्वारा. 1993 में इस कार्य को अंजाम दिया गया. यह धर्मांतरण के आरोपों को साबित करता है. साफ है कि लालच देकर लोगों का धर्मांतरण कराया जाता है. नगरायुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि उक्त नेता के द्वारा टाइटस स्कूल कैंपस में मकान बनाने के साथ ही दुकान बनाने की भी कार्रवाई की जा रही है. यह पूरी तरह से अवैध है. तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष को पट्टा देने का अधिकार ही नहीं है. पूरे प्रकरण की भी गंभीरता से जांच कराई जा रही है.

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