लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। राजधानी लखनऊ, अयोध्या समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 31 अगस्त से 4 सितंबर तक प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मानसून फिर हुआ सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बढ़ा है। बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसमी सिस्टम का असर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है।
आईएमडी के अनुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और बिजली गिरने के समय विशेष सावधानी बरतें।
लखनऊ और अयोध्या समेत इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, मिर्जापुर, सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है।
कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन को जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखने को कहा गया है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
लगातार बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। धान समेत कई खरीफ फसलों के लिए बारिश फायदेमंद होती है, लेकिन अत्यधिक बारिश से खेतों में पानी भरने और फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें और मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्य करें।
नदियों के जलस्तर पर नजर
प्रदेश में बारिश बढ़ने के साथ ही कई नदियों के जलस्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में पहले से ही बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
गंडक, घाघरा और अन्य नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है।
बिजली गिरने का भी खतरा
मौसम विभाग ने बारिश के साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई है। ग्रामीण और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना या खुले मैदान में रहना खतरनाक हो सकता है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
भारी बारिश की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। नगर निकायों को जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने और नालों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग भी संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने की तैयारी कर रहा है।
चार दिन मौसम रहेगा चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। बारिश का यह दौर कई क्षेत्रों में राहत लेकर आएगा, लेकिन कुछ इलाकों में परेशानी भी बढ़ा सकता है।
लखनऊ और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों में प्रशासन की नजर जलभराव और यातायात व्यवस्था पर रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और जरूरी सावधानी बरतें।
फिलहाल यूपी में बादलों की सक्रियता बनी हुई है और आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
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